पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध का असर गाजियाबाद जिले के निर्यात कारोबार पर भी पड़ने लगा है। यूरोप और खाड़ी देशों में बढ़ रहे निर्यात के बीच वैश्विक तनाव से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
निर्यातकों का कहना है कि युद्ध लंबा खिंचने से ऑर्डर और शिपमेंट अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के दाम बढ़ने से माल की आवाजाही का खर्च बढ़ गया है। कच्चा माल भी 20 से 35 प्रतिशत तक महंगा हो गया है।
व्यापारियों में बढ़ गई चिंता
जिले से इंजीनियरिंग मशीनरी, स्टील उत्पाद, इलेक्ट्रानिक उपकरण, टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट का निर्यात यूरोप, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों में होता है। पिछले कुछ वर्षों में इन बाजारों में मांग बढ़ने से निर्यात में तेजी आई थी, लेकिन मौजूदा हालात से व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
उद्यमियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, बीमा और लाजिस्टिक लागत बढ़ रही है। युद्ध आरंभ होने के साथ ही शिपमेट पोर्ट पर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। फोर्जिंग इकाइयों मे पीएनजी सप्लाई करने वाली गैस कंपनी ने उद्यमियों को 20 प्रतिशत की खपत कम करने की अपील की है।
जिले से मिडिल ईस्ट एवं विश्व के अन्य देशों को निर्यात
प्रमुख उत्पाद (वर्षिक निर्यात मूल्य – करोड़ रुपये में)
| क्र.सं. | उत्पाद का नाम | निर्यात मूल्य (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| 1 | मीट खाद्य प्रसंस्करण | 5,467 |
| 2 | लोहा-इस्पात और इस्पात उत्पाद | 4,797 |
| 3 | फार्मास्युटिकल उत्पाद | 3,326 |
| 4 | बायलर, मशीनरी एवं मैकेनिकल | 2,463 |
| 5 | बेस मेटल्स, सेरमेट्स | 2,191 |
| 6 | चीनी मशीनरी के उत्पाद | 1,860 |
| 7 | टेक्सटाइल | 1,469 |
| 8 | पेपर बोर्ड के उत्पाद | 1,077 |
| 9 | परफ्यूम, तेल, कास्मेटिक उत्पाद | 1,041 |
| 10 | अपेरल एवं क्लाथ एक्सेसरीज़ | 757 |
| 11 | ग्लास एवं ग्लासवेयर | 292 |


