बिहार में लगातार हो रहे पुलिस एनकाउंटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाया।
तेजस्वी ने कहा कि अपराधियों का एनकाउंटर जाति देखकर किया जा रहा है और एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है।
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष की ओर से लगातार जवाबी हमले किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसपर पलटवार किया।
अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार सरकार के मंत्री तथा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने भी तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, उनका सिर्फ एक परिचय होता है—अपराधी। उन्होंने कहा कि अपराध पर जातीय रंग चढ़ाना बिहार के लिए बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अगर तेजस्वी यादव चाहें तो हम मुख्यमंत्री से आग्रह कर देंगे कि अपराधियों की भी जातिगत जनगणना करा दी जाए, ताकि एनकाउंटर से पहले पुलिस थाने में उनका जाति प्रमाण पत्र भी जांच लिया जाए।’
‘क्या पुलिस पहले जाति पूछेगी?’
HAM नेता ने सवाल उठाया कि क्या अब पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उनकी जाति पूछेगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को जातीय नजरिए से देखना गलत संदेश देता है।
एनकाउंटर को लेकर जारी है राजनीतिक बयानबाजी
बिहार में हाल के दिनों में पुलिस की ओर से कई अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ की कार्रवाई की गई है। इसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी कदम बता रहा है।


