उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख के पर्यटन व आतिथ्य सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए प्रदेश में पंजीकृत होटल और गेस्ट हाउसों को उद्योग का दर्जा दे दिया है। उपराज्यपाल द्वारा किया अहम आदेश लद्दाख में एक जून से प्रभावी होगा।
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद होटल व गेस्ट हाउसों को अब औद्योगिक दरों पर बिजली और पानी की सुविधा मिलेगी। औद्योगिक दरों पर बिजली व पानी वर्तमान व्यावसायिक दरों की तुलना में काफी सस्ते होंगे। साथ ही इन इकाइयों को रियायती बैंक ऋण, संपत्ति कर से छूट व केंद्र व राज्य सरकार की औद्योगिक योजनाओं के तहत विभिन्न प्रोत्साहनों का लाभ भी मिलेगा।
वर्तमान में लद्दाख में होटल, गेस्ट हाउस, रिसार्ट व होमस्टे पर बिजली का व्यावसायिक शुल्क 5.49 रुपये प्रति यूनिट लागू है। वहीं उद्योग का दर्जा मिलने के बाद यह घटकर 4.10 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगा।
पानी पर व्यावसायिक शुल्क का क्या हिसाब?
इसी प्रकार पानी के व्यावसायिक शुल्क, जो अभी 28 रुपये से 46 रूपये प्रति किलोलीटर तक हैं, वह भी औद्योगिक दरों पर 26 से 29 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से मिलेगा। इस निर्णय से होटल व्यवसायियों की संचालन लागत में कमी आने के साथ निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इस फैसलजे से लद्दाख में पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि होटल व गेस्ट हाउसों को उद्योग का दर्जा मिलने से लद्दाख के आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार, आजीविका व क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह कदम लद्दाख को एक विश्वस्तरीय व सतत पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। उपराज्यपाल प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है। इसी बीच लद्दाख में इस फैसले से 1257 होटल व गेस्ट हाउस लाभान्वित होंगे। इनमें से 1078 लेह व 179 कारगिल में स्थित हैं।
ये संस्थान हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं
ये संस्थान हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। यह निर्णय होटल एवं गेस्ट हाउस संचालकों, विशेषकर आल लद्दाख होटल व गेस्ट हाउस एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर कार्रवाई करते हुए लिया गया है।
पर्यटन हितधारकों ने सर्दियों के दौरान बढ़ते बिजली व पानी के खर्च को देखते हुए औद्योगिक दरों की मांग उठाई थी। उपराज्यपाल ने इस स्वीकार किया है। अब इस योजना के क्रियान्वयन व पात्र इकाइयों के प्रमाणन की जिम्मेदारी लद्दाख पर्यटन विभाग को सौंपी गई है।


