तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार को विपक्ष के भारी विरोध के आगे झुकते हुए एक सरकारी टेंडर रद करना पड़ा।
दरअसल, थूथुकुडी जिले में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए जारी इस 16.83 (लगभग 17 लाख) लाख रुपये के टेंडर को लेकर डीएमके ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। डीएमके द्वारा छह घंटे की निविदा पर आपत्ति जताने के बाद टीवीके ने 16.83 लाख रुपये के टेंडर को वापस ले लिया। लेकिन
क्या मामला?
नियमों के अनुसार ठेकेदारों को 13 मई से निविदा विवरण उपलब्ध होना चाहिए था। हालांकि, निविदा 18 मई को सुबह 9 बजे जारी की गई और छह घंटे बाद दोपहर 3 बजे बंद हो गई। निविदा अगले दिन शाम 4 बजे आवंटित की गई। विरोध और आलोचना के बाद, ‘प्रशासनिक कारणों’ से निविदा रद्द कर दी गई और दो अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया।
डीएमके ने क्या लगाया आरोप?
पिछले महीने हुए चुनाव में टीवीके से सत्ता से बेदखल हुई डीएमके ने टीवीके पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि यह दोषपूर्ण प्रक्रिया एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। वरिष्ठ नेता अमुथारसन ने सवाल उठाया कि कोई कंपनी छह घंटे के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करके सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को कैसे पूरा कर सकती है?


