सोमवार को अंधेरी ईस्ट के साकीनाका स्थित नाले से ऑटो-रिक्शा का ढांचा बरामद हुआ। सामने आए एक वीडियो में बीएमसी के कर्मचारियों को क्रेन की मदद से इस ऑटो को नाले से बाहर निकालते हुए देखा गया। सफाई के दौरान अन्य नालों से पुराने सोफे, गद्दे, पलंग, भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और भारी मात्रा में कबाड़ का सामान भी मिला है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल मुंबई में मानसून समय से पहले यानी लगभग 5 जून के आसपास आ सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने नालों से गाद निकालने और पानी के बहाव को रोकने वाली चीजों को हटाना तेज कर दिया है, ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव से बचा जा सके। BMC के अनुसार, मंगलवार तक शहर के लगभग 77% नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है।
MMRDA का आपातकालीन-प्रतिक्रिया तंत्र
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने शहर में चल रहे सभी मेट्रो और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में मानसून से निपटने के लिए व्यापक बहु-स्तरीय आपातकालीन-प्रतिक्रिया ढांचा तैयार किया है।
इस तैयारी के तहत, MMRDA ने मेट्रो और इंजीनियरिंग का काम कर रहे सभी ठेकेदारों को तय समय-सीमा के भीतर साइट-विशिष्ट मानसून तैयारी योजना अनिवार्य रूप से जमा करने का निर्देश दिया है।
इस योजना में जल निकासी प्रणाली, ढलान से बचाव, वाटरप्रूफिंग, मजदूरों की सुरक्षा, आपातकालीन सामग्री का स्टॉक, बाढ़ के जोखिम को कम करने के उपाय और MMRDA के कंट्रोल रूम से जुड़े सीधे आपातकालीन प्रोटोकॉल होना अनिवार्य है।
ठेकेदारों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मलबा साफ करें, क्षतिग्रस्त नालों और फुटपाथों की मरम्मत करें, तेज हवाओं से बचाव के लिए संरचनाओं को सुरक्षित करें और यह सुनिश्चित करें कि बिजली से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सभी इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कर ली गई है।
रेड अलर्ट के दौरान बंद रहेंगे जोखिम भरे काम
MMRDA ने सभी ठेकेदारों और सलाहकारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मौसम विभाग या नगर पालिका द्वारा रेड अलर्ट जारी होने की स्थिति में गर्डर लॉन्चिंग जैसी उच्च जोखिम वाली निर्माण गतिविधियों को तुरंत रोक दिया जाए।
इसके अलावा, बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में मौजूद मजदूरों के शिविरों को मानसून के चरम पर पहुंचने से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए 25 मई से 15 अक्टूबर तक 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष चालू रहेगा।
मुंबई कब पहुंचेगा मानसून
इस साल मुंबई में 5 जून तक मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पिछले साल 26 मई को मानसून ने मुंबई में प्रवेश किया था, जो पिछले 75 वर्षों में सबसे जल्दी था। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है।
हालांकि, इसमें 4 दिन आगे या पीछे का अंतर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने यह भी जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पूर्व अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और कन्याकुमारी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।


