तपती गर्मी के मौसम में पुरानी कार का AC अक्सर काम करना कम कर देता है। कई बार गैस पूरी होने के बाद भी केबिन उतनी जल्दी ठंडा नहीं होता। अगर आपकी गाड़ी भी पुरानी हो चुकी है और आप उसकी AC की कूलिंग बढ़ाना चाहते हैं तो इन टिप्स को जरूर अपनाना चाहिए।
एसी फिल्टर की सफाई
पुरानी गाड़ियों में सबसे आम समस्या धूल जमने की ही होती है। केबिन एयर फिल्टर में धूल भर जाने से हवा का फ्लो कम हो जाता है। गर्मी शुरू होते ही कार के एसी फिल्टर को निकाल कर साफ करें। अगर फिल्टर बहुत ज्यादा गंदा या काला पड़ गया है को इसे तुरंत बदल दें। यह बहुत सस्ता आता है लेकिन इससे कूलिंग तुरंत बढ़ जाती है।
कार शुरू करके न चलाएं एसी
धूप में खड़ी पुरानी कार के अंदर की हवा बहुत गर्म हो जाती है। गाड़ी में बैठते ही फुल स्पीड पर एसी चलाने से कंप्रेसर पर बहुत ही ज्यादा दबाव पड़ता है। गाड़ी शुरू करने के बाद पहले 1-2 मिनट के लिए सभी शीशे नीचे कर दें और पंखा ऑन कर दें। जब अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाए तब शीशे बंद करके एसी चालू करें।
रीसर्क्युलेशन मोड का इस्तेमाल
पुरानी गाड़ियों के एसी बटन के पास एक रीसर्क्युलेशन का बटन होताा है। शुरुआत की गर्म हवा बाहर निकालने के बाद इस मोड को हमेशा ऑन रखें। इससे एसी बाहर की गर्म हवा को अंदर खींचने के बजाय केबिन की ही ठंडी हवा को बार-बार रीसायकल करता है जिससे गाड़ी जल्दी ठंडी होती है।
कंडेनसर की सफाई
कार के बोनट के अंदर रेडिएटर से ठीक आगे एसी का कंडेनसर लगा होता है। पुरानी गाड़ियों में इसमें मिट्टी, सूखी पत्तियों और कीड़े फंस जाते हैं जिससे गैस ठीक से ठंडी नहीं हो पाती है। जब भी गाड़ी धोएं या सर्विस कराएं तो कंडेनसर पर हल्के प्रेशर से पानी मारकर उसकी जाली को साफ करवाएं।
सही जगह पर पार्किंग
पुरानी कार का केबिन सीधे धूप में बहुत जल्दी गर्म होता है। जितना हो सके गाड़ी को छांव में पार्क करें। अगर छांव ने हो तो कार की विंडशील्ड पर सनशेड का इस्तेमाल करें। इससे अंदर का तापमान कम रहेगा और एसी को केबिन ठंडा करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।


