भारत के औषधि नियामक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि कॉस्मेटिक्स की श्रेणी में क्या आता है। इसके साथ ही, नियामक ने कॉस्मेटिक्स के रूप में लेबल किए गए इंजेक्टेबल उत्पादों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब विश्व स्तर पर टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाएं तेजी से सौंदर्य उद्देश्यों के लिए इंजेक्शन के रूप में उपयोग की जा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, घरेलू बाजार में भी ऐसे ही रुझानों के उभरने की आशंका है।
क्या है कॉस्मेटिक की सही परिभाषा?
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 का हवाला देते हुए, CDSCO ने कॉस्मेटिक्स को ऐसे किसी भी उत्पाद के रूप में परिभाषित किया है जिसे मानव शरीर या उसके किसी हिस्से को साफ करने, सुंदर बनाने, आकर्षण बढ़ाने या रूप बदलने के लिए रगड़ा, उड़ेला, छिड़का या स्प्रे किया जाता है। इसमें कॉस्मेटिक के घटक के रूप में इस्तेमाल होने वाली कोई भी सामग्री शामिल है।
भारत में बिक्री और वितरण के लिए कॉस्मेटिक्स के निर्माण और आयात को कॉस्मेटिक्स नियम 2020 के प्रावधानों के तहत विनियमित किया जाता है।
इंजेक्शन वाले उत्पाद कॉस्मेटिक नहीं
नियामक ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इंजेक्शन के रूप में आपूर्ति किए जाने वाले उत्पाद कॉस्मेटिक्स की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते हैं।
किसी भी उपभोक्ता, पेशेवर या एस्थेटिक क्लिनिक को कॉस्मेटिक का इस्तेमाल इंजेक्शन के रूप में करने की अनुमति नहीं है। कॉस्मेटिक्स केवल शरीर पर रगड़ने, उड़ेलने, छिड़कने या स्प्रे करने के लिए ही बनाए गए हैं।
क्या है नियम?
- कोई भी कॉस्मेटिक ऐसा दावा नहीं कर सकता जो उपभोक्ता को गुमराह करे या झूठा हो।
- कोई भी व्यक्ति निर्माता द्वारा कॉस्मेटिक के कंटेनर, लेबल या रैपर पर लिखे गए निर्देशों या निशानों को मिटा या बदल नहीं सकता।
- कॉस्मेटिक्स की आपूर्ति केवल उनके निर्धारित उपयोग के लिए ही की जा सकती है। पेशेवरों या आम लोगों द्वारा किसी भी प्रकार के उपचार में इसका उपयोग नहीं किया जा सकता।
- नियामक ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी नियम के उल्लंघन की सूचना तुरंत नियामक या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को दें।
शादियों से पहले वजन घटाने के लिए इंजेक्शन का बढ़ता चलन
यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब वजन घटाने वाले इंजेक्शनों का सिर्फ अच्छा दिखने के लिए धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अपनी शादी से पहले वजन कम करने की चाह रखने वाले दूल्हे और दुल्हनें इन वेट-लॉस ड्रग्स के नए उपभोक्ता बन गए हैं।
कई क्लिनिक प्री-वेडिंग ट्रांसफॉर्मेशन पैकेजों के हिस्से के रूप में वजन घटाने वाले इंजेक्शन पेश कर रहे हैं। जबकि पहले इन पैकेजों में आमतौर पर सिर्फ त्वचा की देखभाल और हेयर स्टाइलिंग जैसे बाहरी बदलाव ही शामिल होते थे।


