साइबर सिटी में इस साल गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने तैयारी कर ली है। चंदू बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की निर्माणाधीन पांचवीं यूनिट जून में चालू हो जाएगी।
इससे गुरुग्राम शहर को सौ एमएलडी अतिरिक्त पेयजल मिलेगा, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से निपटने में मदद मिलेगी। इससे गर्मी के दिनों में 700 एमएलडी से अधिक पहुंच जाने वाली मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी और 40 लाख लोगों को भूमिगत पेयजल या टैंकरों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।
66 केवीए सब स्टेशन से होगा बिजली का कलेक्शन
जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार चंदू–बुढेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पांचवीं यूनिट स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस यूनिट के तैयार हो जाने पर प्लांट की क्षमता में 100 एमएलडी की बढ़ोतरी होगी। विभाग के अनुसार काम तय समयसीमा के भीतर चल रहा है और जून 2026 में यह पूरी तरह संचालित कर दी जाएगी। 66 केवीए सब स्टेशन से बिजली का कलेक्शन होगा।
इससे पहले मई 2025 में जीएमडीए ने चंदू प्लांट में सौ एमएलडी यूनिट का शुभारंभ किया था, जिससे गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से काफी राहत मिली थी। जीएमडीए के एक्सईएन अभिनव वर्मा ने बताया कि चंदू प्लांट की क्षमता बढ़ाने का कार्य लगातार जारी है ताकि शहर की बढ़ती आबादी के लिए जलापूर्ति बेहतर हो।
670 एमएलडी मिल रहा नहरी पेयजल
चंदू–बुढेड़ा और बसई प्लांट मिलकर वर्तमान में गुरुग्राम को कुल 670 एमएमएलडी नहरी पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन शहर की जनसंख्या और निर्माण गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी के कारण गर्मियों में मांग बढ़कर 700 एमएलडी से ऊपर पहुंच जाती है।
इस वजह से कई सेक्टरों में सप्लाई कम हो जाती है और अंतिम छोर के क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा जाता है। इन दिनों भी यह मांग लगभग 700 एमएलडी के समीप पहुंच गई है। लगभग 30 से 40 एमएलडी के अंतर को कम करने के लिए बोरवेल से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।


