योगी सरकार की ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना से यूपी के पारंपरिक पकवानों को मिलेगी वैश्विक पहचान

 योगी सरकार अब प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। “एक जनपद एक व्यंजन” (ओडीओसी) योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का चिन्हांकन कर उन्हें संगठित, सुरक्षित, ब्रांडेड और बाजारोन्मुख बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल स्वाद और परंपरा को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और निर्यात को भी बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में योगी कैबिनेट ने योजना को स्वीकृति दी है।

FSSAI और CFTRI बनाएंगे ‘स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल’, नहीं बदलेगा मूल स्वाद

योजना के तहत सभी जिलों के जिलाधिकारियों, विश्वविद्यालयों, जिला उद्योग केंद्रों और स्थानीय विशेषज्ञों के सुझावों पर व्यंजनों की सूची तैयार कर ली गई है। इन पारंपरिक पकवानों का स्वाद, शुद्धता और स्वच्छता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरे, इसके लिए सरकार देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग ले रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI) और निफ्टेम (NIFTEM) के तालमेल से प्रत्येक जिले के व्यंजन के लिए एक ‘स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल’ तैयार किया जाएगा। इससे न केवल हर बार व्यंजन का स्वाद और गुणवत्ता एक समान रहेगी, बल्कि आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से उनकी शेल्फ लाइफ (खराब न होने की अवधि) को भी बढ़ाया जाएगा।c

स्मार्ट पैकेजिंग और क्यूआर कोड से लैस होंगे यूपी के पकवान

वैश्विक बाजारों और मॉल्स में अपनी धाक जमाने के लिए यूपी के इन व्यंजनों को आधुनिक लुक दिया जाएगा। भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) के सहयोग से व्यंजनों के लिए इको-फ्रेंडली और स्मार्ट पैकेजिंग तैयार की जाएगी। इन पैकेटों पर बारकोड, क्यूआर कोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग (पोषण संबंधी जानकारी) की सुविधा होगी, जिससे उपभोक्ता एक क्लिक पर उत्पाद की गुणवत्ता, इतिहास और कैलोरी की जानकारी ले सकेंगे।

स्वयं सहायता समूहों को मुफ्त ट्रेनिंग, स्थानीय स्तर पर बंपर रोजगार

इस पूरी योजना के केंद्र में ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को रखा गया है। इसके लिए स्थानीय छोटे उद्यमियों, हलवाइयों और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और डिजाइनिंग का मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल पारंपरिक हुनर को नया जीवन मिलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

‘स्वाद यूपी का’ थीम से होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल ब्रांडिंग

योगी सरकार ‘एक जनपद एक व्यंजन’ को पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव से जोड़कर देश-विदेश में इसका बड़ा प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों व जी-20 जैसे मंचों पर “स्वाद यूपी का” थीम के तहत विशेष फूड स्टॉल और प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इसके साथ ही शॉर्ट फिल्मों, सोशल मीडिया अभियानों और डिजिटल ब्रांडिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के जायके की दास्तान पूरी दुनिया तक पहुंचाई जाएगी। यह योजना आने वाले समय में यूपी के व्यंजनों को वैश्विक फूड चेन का हिस्सा बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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