लखनऊ विश्वविद्यालय में पेपर लीक और छात्रा से छेड़छाड़ के चर्चित मामले में सोमवार को पीड़िता ने महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।
छात्रा ने बयान में कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह कई महीनों से उस पर नजर रखे हुए थे और लगातार मिलने का दबाव बनाते थे। वह फोन कर परीक्षा में मदद और प्रश्नपत्र लीक कराने का झांसा देकर अपने पास बुलाते थे।
पीड़िता के मुताबिक प्रोफेसर कई बार फोन और मैसेज के जरिए संपर्क करते थे। मना करने के बावजूद दबाव बनाते रहते थे। बातचीत के दौरान अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल भी करते थे। छात्रा ने वायरल ऑडियो में हुई बातचीत को भी अपने बयान में दोहराया है।
दरअसल शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर एक आडियो वायरल हुआ था, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह छात्रा को जन्तु विज्ञान समेत अन्य विषयों के पेपर लीक कराने की बात कहते सुनाई दे रहे थे। आडियो में वह छात्रा को मिलने के लिए दबाव बनाते और अभद्र भाषा का प्रयोग करते भी सुनाई दिए थे।मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया था। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने वायरल आडियो का संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी गठित की थी। वहीं परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी की तहरीर पर हसनगंज कोतवाली में आरोपित प्रोफेसर के खिलाफ छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन पुलिस ने आरोपित प्रोफेसर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित प्रोफेसर लंबे समय से छात्रा पर नजर रखे हुए था। वह परीक्षा में मदद और नंबर बढ़वाने का लालच देकर छात्रा को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था।
मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों में भी नाराजगी है। एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष दर्ज कर लिए गए हैं। बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद कोर्ट में भी पीड़िता के बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस वायरल आडियो की तकनीकी जांच भी कर रही है।


