गोरखपुर कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी के निर्देश, नए साल में होगा स्थानांतरण

 कार्यभार संभालने के तुरंत बाद सक्रिय नजर आ रहे नवागत एडीएम सिटी एवं नोडल अधिकारी नगर पंचायत गजेन्द्र कुमार ने सोमवार को पुराने कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे नई इमारत के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

उन्होंने निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस साल के आखिरी तक भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। नए साल की शुरूआत में ही कलेक्ट्रेट के सभी अनुभाग अपने पुराने परिसर में शिफ्ट हो जाने की उम्मीद है।

निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में आमजन को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

निरीक्षण में अधिकारियों ने बताया कि परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन निर्माण का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। जल्द ही फिनिशिंग का काम शुरू होने की संभावना है। हालांकि परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन न्यायालय से जुड़े मामलों के कारण लगभग एक वर्ष तक कार्य प्रभावित रहा।

अधिकारियों ने एडीएम सिटी को जानकारी दी कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद 19 महत्वपूर्ण विभागों को एक ही परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रशासनिक सेवाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी। योजना के तहत जिलाधिकारी कार्यालय, सभागार, पुलिस कार्यालय समेत कई विभागों को नए भवन में स्थान दिया जाएगा।

देवांश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 240 करोड़ रुपये बताई गई है। परिसर में 500 चारपहिया और 500 दोपहिया वाहनों की पार्किंग, 300 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक आडिटोरियम और दोनों भवनों में कुल 14 लिफ्ट लगाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

नगर पंचायतों को लेकर पहली बैठक में सख्त संदेश

कार्यभार ग्रहण करने के बाद एडीएम सिटी गजेन्द्र कुमार ने डीएम सभागार में नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने स्वच्छता, जल निकासी, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, राजस्व वसूली में तेजी और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया।

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