शक्तिनगर मुख्यमार्ग स्थित महुली चौराहे पर रविवार की सुबह दस बजे हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दो बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टेलर के पहिये के नीचे दबे शवों को बाहर निकलवाया।
जानकारी के अनुसार, सरिया निवासी गौतम अपनी पत्नी फूला और दो बच्चों के साथ अहरौरा बाजार से बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह महुली चौराहे के पास पहुंचे, उसी दौरान सोनभद्र की ओर से राखड़ लादकर वाराणसी की ओर जा रही तेज रफ्तार टेलर अनियंत्रित हो गई और बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गौतम और उनकी पत्नी फूला टेलर की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार उनके दोनों बच्चे सुरक्षित बच गए।
माता-पिता की मौत के बाद घटनास्थल पर मौजूद बेटा-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां-बाप के शव देखकर दोनों बेसुध हो जा रहे थे। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद टेलर के नीचे दबे दोनों शवों को बाहर निकालकर कब्जे में लिया। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि टेलर की चपेट में आने से दंपती की मौत हुई है। दोनों बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है। टेलर को कब्जे में ले लिया गया है, जबकि फरार चालक की तलाश की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महुली चौराहा बना ‘डेंजर जोन’, डिजाइन सुधार की मांग तेज
वाराणसी-शक्तिनगर मुख्यमार्ग पर स्थित महुली चौराहा एक बार फिर हादसे की वजह बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेट हाईवे-5ए पर बने इस चौराहे की डिजाइन खामियों के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। चौराहे से गुजरते समय दूसरी दिशा से आने वाले वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि महुली चौराहे की डिजाइन में सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने डेंजर जोन बन चुके इस चौराहे पर तत्काल सुरक्षा उपाय और डिजाइन सुधार की मांग की है।


