सरकार ने यह भी कहा कि अब तक नियुक्त किसी भी चुनाव आयुक्त की योग्यता या निष्पक्षता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं के इस आरोप को भी खारिज किया गया कि न्यायपालिका के बिना चयन समिति पक्षपातपूर्ण हो जाएगी।