महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में शनिवार को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच नक्सली कार्यकर्ताओं ने, जिन पर कुल 38 लाख रुपये का इनाम था, आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के आठ माओवादियों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ मिलकर किए गए अभियानों के दौरान गिरफ्तार किया गया।
इस सप्ताह 100 घंटे के एक सुनियोजित ऑपरेशन में गढ़चिरौली से गुरिल्लाओं की मौजूदगी को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, जिसके बाद पुलिस रिकॉर्ड में अब कोई भी सक्रिय माओवादी नहीं बचा है।
गढ़चिरौली पुलिस ने कहा कि ‘आपरेशन अंतिम प्रहार’ के शुरू होने के बाद अब उनकी आधिकारिक ‘वांछित’ सूची में कोई माओवादी नहीं बचा है। इन आठ माओवादियों को पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के नेतृत्व में किए गए अभियानों के दौरान गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने कहा कि 13 मई को, पुलिस की टीमों ने चार माओवादियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान जयाराम मोंगे गवाड़े, मुकेश उर्फ लच्छू अवलम, विजय उर्फ मंगाडू हुंगा तामो और राजिता उर्फ शंबत्ती कोसा मदवी के रूप में हुई। वे इस वर्ष सात फरवरी को फोडेवाड़ा मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस जवान की हत्या में शामिल थे।
गोला-बारूद बरामद
इनके पास से राइफलें, गोला-बारूद और माओवादी साहित्य बरामद किया गया। इसी तरह 14 मई को, कुम्नार और नैतला गांवों में किए गए अभियानों में पुलिस ने माओवादी नेताओं राजू उर्फ मंगाडू वेको, जन्नी उर्फ नागी येमला, ज्योति उर्फ अकीला पोटावी और अम्ती उर्फ आयाती पोडियम को गिरफ्तार किया।
उनके पास से भी बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए। अधिकारी ने कहा कि गंडेनूर जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए 63.84 लाख रुपये भी बरामद किए गए। पुलिस ने उन पांच लोगों की पहचान भी उजागर की जिन्होंने शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया। इनमें मधु उर्फ राकेश उर्फ बाजीराव बुक्लू वेल्डा, जीवन उर्फ जग्गू उर्फ भीमा देव मदकम, राजानी उर्फ दुर्गा उर्फ रामोटी धुर्वा, मंगाली रघु कुर्साम और लक्ष्मी डेंगा पुनम शामिल हैं।


