एम्स में छह डॉक्टर प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं। यह तब है जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स के निदेशकों को निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में डॉक्टरों से प्रशासनिक कार्य नहीं कराना है। इन डॉक्टरों के प्रशासनिक कार्य करने के कारण रोगियों के उपचार और शिक्षण कार्य पर असर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 अप्रैल 2024 को सभी एम्स के निदेशकों के लिए निर्देश जारी किया था। इसमें स्पष्ट कहा गया था कि स्पेशियलिस्ट या सुपरस्पेशियलिस्ट किसी को भी खरीद, सुरक्षा आदि कार्यों की जिम्मेदारी नहीं देनी है।
यदि पद खाली है तो प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही हॉस्पिटल मैनेजरों की भी नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे। अब तक एम्स में हॉस्पिटल मैनेजर की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
यह डॉक्टर कर रहे प्रशासनिक कार्य
- डॉ. श्रीनिवास, दंत रोग विभाग, लेखा
- डॉ. विकास श्रीवास्तव, पैथोलाजी विभाग, सुरक्षा
- डॉ. आशीष सराफ, फारेंसिक मेडिसिन एंड टाक्सिकोलाजी, अकाउंट आफिसर
- डॉ. विवेक मिश्र, एनाटामी, खरीद
- डॉ. आनंद मोहन दीक्षित, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष, टेंडर प्रक्रिया के इंचार्ज
- डॉ. नवनीत अटेरिया, फोरेंसिक मेडिसिन एंड टाक्सोलाजी, रजिस्ट्रार
अभी हाल में हटाए गए हैं रजिस्ट्रार
एम्स के रजिस्ट्रार पीएन गांगुली को स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली फटकार के बाद कुछ दिन पहले हटाया गया है। उनकी जगह फारेंसिक मेडिसिन एंड टाक्सिकोलाजी के डॉ. नवनीत अटेरिया को रजिस्ट्रार बना दिया गया।
इससे पहले सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर बायोकमेस्ट्री विभाग के डॉ. आकाश बंसल को प्रशासनिक दायित्व देने की शिकायत की थी। इसके बाद एम्स प्रशासन ने डॉ. आकाश बंसल को आननफानन हटा दिया लेकिन उनकी जगह दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास को जिम्मेदारी दे दी।
पूर्व कार्यकारी निदेशक ने हटा दी थी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य मंत्रालय का 18 अप्रैल 2024 को निर्देश आने के बाद तत्कालीन कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने सभी डाक्टरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि कोई डाक्टर प्रशासनिक कार्य नहीं करेगा। हालांकि उनके जाने के बाद फिर से डाक्टरों को जिम्मेदारी दी जाने लगी।


