जिले के दो सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में जल्द ही स्मार्ट कंप्यूटर लैब बनेंगी। इसके लिए विभाग को सरकारी फंडिंग मिल गई है। लैब के लिए टेंडर प्रोसेस पहले ही पूरा हो चुका है। काम भी शुरू हो गया है। लैब जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगी। सरकारी स्कूलों में लैब बनाने का मकसद स्टूडेंट्स को मॉडर्न एजुकेशन से जोड़ना और टेक्निकल एजुकेशन के जरिए उनकी स्किल डेवलप करना है।
जिले के सभी सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में मॉडर्न कंप्यूटर लैब बनाने की योजना है। अभी जिले में सात सरकारी सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें से चार स्कूलों में लैब बनाने का काम पूरा हो चुका है। इन चार स्कूलों को 2023 में लैब के लिए चुना गया था। इन लैब के लिए कई संस्थाओं ने कंप्यूटर भी दिए थे। अब दो सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कुशलिया और प्रेमनगर में स्टूडेंट्स को कंप्यूटर लैब दी जाएंगी। फिलहाल इन लैब के लिए सरकार से फंडिंग नहीं मिली है।
दो और स्कूलों में लैब बनने से कुल छह स्कूलों में कंप्यूटर लैब हो जाएंगी। इनमें गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज विजयनगर, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज नंदग्राम, गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज कलछीना और गवर्नमेंट इंटर कॉलेज त्योडी शामिल हैं। अब सिर्फ गवर्नमेंट सेकेंडरी इंटर कॉलेज मछरी में कंप्यूटर लैब की कमी है। अभी दो कंप्यूटर लगे हैं।
डिस्ट्रिक्ट स्कूल इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दो स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाने के लिए सरकार से फंड मिला है। काम जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स भी प्राइवेट स्कूलों की तरह कंप्यूटर स्किल सीख सकेंगे। बच्चों को मॉडर्न एजुकेशन से जोड़ा जाएगा और टेक्निकल एजुकेशन दी जाएगी।
35 लाख रुपये का बजट मिला
दोनों स्कूलों में लैब बनाने के लिए कुल 35 लाख रुपये का बजट मिला है। एक स्कूल में लैब बनाने के लिए 17 लाख 86 हजार रुपये का बजट मिला है। दोनों स्कूलों के लिए करीब 35 लाख रुपये का बजट मिला है।


