बाहू क्षेत्र में बावे वाली माता के मंदिर और महामायी माता के मंदिर के बीच के क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर गुज्जर-बक्करवाल समुदाय के लोगों की ओर से कब्जे किए जाने के विरोध में बुधवार को लोगों ने हल्ला बोल दिया।
सैंकड़ों की संख्या में लोग क्षेत्र में पहुंच गए और कब्जा करने वालों को वहां से निकालने के लिए क्षेत्र की ओर चढ़ाई कर दी लेकिन हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को रोका। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के समझाने पर लोग उस क्षेत्र में न जाने पर राजी हुए लेकिन उन्होंने सिद्दड़ा मार्ग पर धरना देते हुए पुलिस से उचित कार्रवाई करने की मांग की।
क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि वन क्षेत्र में कई छोटी पगडंडियां है जहां लोग सैर करने आते थे। पहले इस क्षेत्र में एक-दो झुग्गी हुआ करती थी लेकिन देखते ही देखते यहां पूरी बस्ती बस गई है और इन लोगों को बिजली-पानी कनेक्शन भी मिल गए हैं। वन विभाग की जमीन पर बसे इन लोगों ने पगडंडियों पर भी कब्जा कर लिया है और उन्हें अब सैर करने भी नहीं जाने देते।
मंत्रियों की मिलीभगत होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों की अगुआई करने पहुंचे विधायक विक्रम रंधावा ने इन कब्जों में सरकार के कुछ मंत्रियों की मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर ही इन लोगों को बिजली-पानी कनेक्शन दिए गए हैं। रंधावा ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि कश्मीर से आकर ये लोग जम्मू में सरकारी जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं लेकिन वह अपने विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कब्जे नहीं होने देंगे।
रंधावा ने कहा कि अगर शाम तक इन लोगों के बिजली-पानी कनेक्शन नहीं काटे गए और इन्हें यहां से हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो वीरवार को लोग उस क्षेत्र में पहुंच जाएंगे। इस पर अगर कोई स्थिति बिगड़ती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।


