घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी और गैस रिफिलिंग को रोकने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक और कदम उठाया है। 10 लाख रुपये से अधिक आय वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रत्येक सिलिंडर में सब्सिडी नहीं मिलेगी।
वर्तमान में हर माह प्रत्येक सिलिंडर में साढ़े 12 रुपये की सब्सिडी मिलती है। शनिवार को तीनों आयल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक उपभोक्ता इंडेन के हैं।
तीनों ऑयल कंपनियां उपभोक्ताओं को भेज रही हैं मैसेज
जिले की 84 गैस एजेंसियों में 13.57 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 8.57 लाख, हिंदुस्तान और भारत पेट्रोलियम के ढाई-ढाई लाख उपभोक्ता हैं। इस माह घरेलू सिलिंडर का रेट 935.50 रुपये है। इसमें साढ़े 12 रुपये की सब्सिडी मिलती है। हालांकि वर्तमान में सब्सिडी कम है लेकिन इससे पूर्व सब्सिडी अधिक मिलती थी। शनिवार से तीनों ऑयल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को मैसेज भेजना शुरू कर दिया है।
हर माह साढ़े 12 रुपये की मिलती है सब्सिडी, सबसे अधिक इंडेन के हैं उपभोक्ता
मैसेज में कहा गया है कि 10 लाख से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं (परिवार के सदस्यों को मिलाकर) को सब्सिडी नहीं मिलेगी। अगर इसे लेकर कोई आपत्ति है तो संबंधित टोल फ्री नंबर में सात दिनों के भीतर अपनी आपत्ति को दर्ज कराया जा सकता है। अगर निर्धारित अवधि में कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है तो ऐसी स्थिति में सब्सिडी को बंद कर दिया जाएगा।
ऑल इंडिया इंडेन वितरक संघ के राष्ट्रीय सचिव विपुल पुरोहित ने बताया कि उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। आपत्ति दर्ज कराने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है।
दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
टोल फ्री नंबर, 18002333555
गैस एजेंसियों की हो रही है जांच
डीएसओ आनंद सिंह का कहना है कि नियमित अंतराल में गैस एजेंसियों की जांच की जा रही है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जो भी शिकायतें मिलती हैं। उनका भी निस्तारण कराया जा रहा है।


