सुप्रीम कोर्ट की बांग्लादेश से भारत आने वाले अवैध घुसपैठियों पर टिप्पणी, कहा- वे आतंकवादी नहीं

 सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा भारत में सिर्फ अवैध घुसपैठ करना कोई आतंकवादी कृत्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में यह टिप्पणी CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल SD संजय की उस दलील के जवाब में की, जिसमें उन्होंने अमोल चंद्र दास उर्फ सुजीब की जमानत याचिका का विरोध किया था।

बांग्लादेशियों के अवैध घुसपैठ करने पर SC की टिप्पणी

सुजीब को नवंबर 2023 में बेंगलुरु में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि वह 10 साल से शहर में एक जाली पासपोर्ट के साथ रह रहा था और बांग्लादेशियों की भारत में अवैध घुसपैठ में मदद कर रहा था।

संजय ने कहा कि इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन मौजूदा याचिकाकर्ता एक ऐसे गिरोह का हिस्सा है जो जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बांग्लादेशियों की भारत में सीमा पार तस्करी में शामिल है और इसलिए वह जमानत का हकदार नहीं है।

जस्टिस बागची ने कहा, ‘अवैध घुसपैठ कोई आतंकवादी कृत्य नहीं है। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बिना वैध दस्तावेजों या बिना किसी दस्तावेज के सीमा पार की है। यह तब तक आतंकवादी कृत्य नहीं बन जाता, जब तक कि कोई अन्य स्पष्ट कार्रवाई न हो जिसे आतंकवादी कृत्य माना जा सके।’

CJI कांत ने कहा, ‘भारत की बांग्लादेश के साथ सीमा काफी खुली हुई है। बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से घुसपैठ करने के बावजूद भारत में रह रहे हैं।’

बेंच ने दास को जमानत दे दी, लेकिन उसे हफ्ते में एक बार बेंगलुरु में NIA अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने रद कर दी थी जमानत

कर्नाटक हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था, ‘अपीलकर्ता एक बांग्लादेशी है और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से यह साफ जाहिर होता है कि एक ही दिन कर्नाटक और असम, दोनों जगहों पर आधार कार्ड बनाया गया।

इसकी जांच करने पर पता चलता है कि इसमें फोटो लगाई गई थी और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड और पासपोर्ट भी हासिल किया गया था और वह पांच बार बांग्लादेश गया था।’

हाई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को मानते हुए यह कहकर जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है, तो उसके न्याय से भागने की संभावना है।

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