पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने बुधवार देर शाम डीडीयू जंक्शन स्थित वैगन केयर सेंटर और डाउन रिसीविंग यार्ड का निरीक्षण कर मालगाड़ियों के अनुरक्षण एवं संरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तकनीकी परीक्षण, रैक एग्जामिनेशन, साफ-सफाई तथा कार्यस्थल पर कर्मचारियों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
डीआरएम ने सबसे पहले वैगन केयर सेंटर स्थित सिक लाइन का निरीक्षण किया। यहां माल वैगनों के अनुरक्षण, तकनीकी परीक्षण और मरम्मत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने आरओएच शेड में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्क्रैप और बियरिंग के लिए विकसित की जा रही नई सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया। डीआरएम ने कार्यस्थल पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों की स्थिति देखी।
कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षित कार्य प्रणाली तथा साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक डाउन रिसीविंग यार्ड पहुंचे, जहां मालगाड़ियों के रैक एग्जामिनेशन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। वैगनों की तकनीकी जांच, ब्रेक शक्ति प्रमाणन, दोषयुक्त वैगनों की पहचान और आवश्यक मरम्मत कार्यों का परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि परिचालन से पहले प्रत्येक रैक को संरक्षा मानकों के अनुरूप जांचा जाता है, ताकि मालगाड़ियों का संचालन निर्बाध और सुरक्षित तरीके से हो सके। डीआरएम ने कहा कि डीडीयू जंक्शन स्थित वैगन केयर सेंटर और डाउन रिसीविंग यार्ड पूर्व मध्य रेल के माल परिचालन तंत्र के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां से माल वैगनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित होती है, जिससे पूरे रेल नेटवर्क में मालगाड़ियों का सुचारु संचालन संभव हो पाता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि परीक्षण और अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही माल लदान के लिए पूरी तरह फिट वैगनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एंड वैगन) नितिन कुमार समेत संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


