धनबाद पुलिस ने वासेपुर के फरार अपराधी प्रिंस खान और उसके गिरोह के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने उसके दो सहयोगियों को ऑपरेशन लंगड़ा के तहत पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया है।
वहीं, उसके करीबी सहयोगी सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मेजर ने खुलासा किया कि वासेपुर छोड़ने के बाद प्रिंस खान दुबई से गिरोह संचालित कर रहा था, लेकिन अब वह पाकिस्तान पहुंच चुका है और वहीं से नेटवर्क चला रहा है।
अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई से बौखलाए प्रिंस खान ने एक वीडियो जारी कर धनबाद के SSP प्रभात कुमार को खुली धमकी दी है। वीडियो में उसने SSP पर कई गंभीर आरोप लगाए और आपत्तिजनक बातें कहीं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, SSP को हटाने की मांग
प्रिंस खान के वीडियो के बाद झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने धनबाद SSP प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से हटाने और माइनिंग माफिया, भूमि कब्जा व प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई।
क्या प्रशासन माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है?
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए उन्होंने संयम बरता है ताकि समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने। इसी कारण वीडियो का केवल संपादित हिस्सा ही सार्वजनिक किया गया।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल: मरांडी
मरांडी ने अपने पत्र में लिखा कि झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में यह बेहद चिंताजनक स्थिति है, जहां कानून-व्यवस्था संभालने वाली व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में दिख रही है। उन्होंने कहा कि विदेश से जारी एक अपराधी के वीडियो ने प्रशासन और माफिया गठजोड़ को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। यदि लगाए गए आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा संकट साबित होगा।
वीडियो इंटरनेट मीडिया पर शेयर, PM मोदी को किया टैग
बाबूलाल मरांडी ने प्रिंस खान के वीडियो को एक्स और फेसबुक पर शेयर किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, ED, CBI और इनकम टैक्स विभाग को भी टैग किया। इस मामले के बाद झारखंड की राजनीति और प्रशासन दोनों में हलचल तेज हो गई है।


