बंगाल की मुस्लिम बहुल सीटों पर क्या है भाजपा का हाल? चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आज यानी 4 मई को घोषित किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे तक आए रुझानों के अनुसार, भाजपा 185, टीएमसी 99 और अन्य 6 सीटों पर अपनी अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। इस बड़े बदलते सियासी समीकरण को देखते हुए यह जानना जरूरी है कि बंगाल की मुस्लिम बहुल सीटों पर भाजपा का क्या हाल है।

पश्चिम बंगाल में 30 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाली सीटों का गणित काफी अहम माना जाता है। टीएमसी के लिए ये सीटें हमेशा सत्ता की चाबी रही है, लेकी इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

क्या है मुर्शिदाबाद का हाल?

मुर्शिदाबाद की बात करें तो इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गौरी शंकर घोष 35732 वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकिभारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की शाओनी सिंघा रॉय 22183 वोटों से पीछे है।

हबीबपुर की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जॉयल मुर्मू 28580 वोटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवारअमल किस्कू 15112 को वोटों का नुकसान दिख रहा है।

मानबाजार की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मयना मुर्मू 14049 वोटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार संध्या रानी टुडू 1343 वोटों से पीछे चल रही हैं।

मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी की बढ़त को लेकर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण बंगाल में मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिल रहा है।

अधिकारी के मुताबिक, मुस्लिम बहुल मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में यह बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2021 और 2024 के चुनावों में जहां मुस्लिम वोटों का 90–95 प्रतिशत एकतरफा झुकाव सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर था, अब उसमें दरार दिखाई दे रही है।

मुस्लिम बहुल जिलों में भाजपा के इस प्रदर्शन के पीछे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) भी बड़ा कारण माना जा रहा है। एसआइआर के कारण विशेषकर इन मुस्लिम बहुल जिलों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता देख रहा है।

हालांकि, दक्षिण बंगाल और कूचबिहार जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता अब भी शुरुआती तौर पर टीएमसी की ओर झुकाव रखते दिख रहे हैं, लेकिन पहले जैसा ठोस एकजुट समर्थन नहीं दिख रहा है। रुझानों के अनुसार, उत्तर बंगाल में अपने पारंपरिक मजबूत प्रदर्शन के अलावा भाजपा दक्षिण बंगाल में भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

बता दें कि सूबे की 293 सीटों पर किसकी सरकार बनेगी, इस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन वोटिंग 293 सीटों पर ही हुई है। बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनाव हुए, पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान हुए। बंगाल में इस बार के चुनाव में रिकॉर्ड 90 फीसदी मतदान हुआ।

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