यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण कटे ई-चालानों का अबतक जमा न की जाने वाली राशि का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना लागू की है।
उसके तहत वाहन चालकों को जुर्माने में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। योजना के तहत 90 दिनों से अधिक लंबित ई-चालानों का निपटान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा।
शहर में कंट्रोल कमांड सेंटर से काटे जा रहे चालानों में 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों की संख्या करीब 3 लाख है, जिन पर 39 करोड़ 36 लाख 80 हजार रुपये बकाया हैं।
जानकारी के मुताबिक, नवंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक कंट्रोल कमांड सेंटर के कैमरों के जरिए शहरी क्षेत्र में 3 लाख 27 हजार 32 चालान काटे गए। इन चालानों में ट्रिपल राइडिंग, सीट बेल्ट नहीं लगाने, बिना हेलमेट, डबल हेलमेट और बिना बीमा जैसे उल्लंघन शामिल हैं।
इन मामलों में कुल 39 करोड़ 95 लाख 59 हजार रुपये जुर्माना देय थे। लेकिन अब तक केवल 5 करोड़ 87 लाख 91 हजार रुपये ही जमा हो पाए हैं। इसे लेकर शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ट्रैफिक डीएसपी, जिला परिवहन पदाधिकारी और एमवीआई के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में इन लंबित मामलों के निपटान की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
इसे लेकर मोटर यान निरीक्षक एसएन मिश्रा ने बताया कि यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है यह वित्तीय वर्ष 2026-27 तक प्रभावी रहेगी। उससे हजारों वाहन चालकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए वे लोग जिला परिवहन, यातायात विभाग में कितने पेंडिंग हैं उसकी सूची बना रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा वाहन मालिकों का इसका लाभ दिलाया जा सके और सरकार के राजस्व को बढ़ाया जा सके।
नंबर टेंपरिंग की वजह से परेशान हुए वाहन मालिकों को भी होगा फायदा
कंट्रोल कमांड सेंटर के कैमरे से बचने को लेकर कई वाहन चालक गलत नंबर प्लेट लगाकर शहर में चल रहे हैं। इसके अलावा कई वाहन चालक तो ऐसे हैं जिन्होंने नंबर से छेड़छाड़ कर अंक को बदल दिया है। उसके कारण सही वाहन स्वामी को चालान न जाकर उस नंबर के वाहन चालक को चालान चला जाता है।
परिवहन विभाग और यातायात विभाग में ऐसे कई मामले पेंडिंग हैं। इस योजना की मदद से वैसे वाहन स्वामियों को भी फायदा होगा और उनका गलत चालान माफ होगा।
| उल्लंघन का प्रकार | मूल जुर्माना (रुपये) | योजना के तहत देय राशि (50% छूट) |
|---|---|---|
| बिना हेलमेट | 1000 | 500 |
| बिना सीट बेल्ट | 1000 | 500 |
| ट्रिपल राइड | 1000 | 500 |
| बिना लाइसेंस | 5000 | 2500 |
| बिना बीमा वाहन | 2000 | 1000 |


