मीरजापुर-औराई मार्ग को एनएचएआई के अधीन किए जाने के बाद अब विभाग इसको नए सिरे से फोरलेन सड़क बनाने का कार्य करेगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है।
इसमें बताया गया कि मीरजापुर-औराई मार्ग पूरी तरह से फोरलेन नहीं है। कही पर एक तो कही दो व कही फोरलेन सड़क है। इससे इस मार्ग पर वाहन स्वामियाें को सफर करते समय दुर्घटना होने का डर बना रहता है। इस परेशानी से उनको निजात दिलाने के लिए सड़क को फोरलेन किए जाने की जरूरत है।
मीरजापुर-औराई मार्ग जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर है। यह मार्ग नटवां तिराहे से शुरू होकर शास्त्री सेतु होते हुए औराई को जाता है। जिसकी दूरी कुल 20 किलोमीटर है।
मध्य प्रदेश व विंध्याचल आने जाने के लिए पूर्वांचल के जनपद वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर आजमगढ़, बऊ, बलिया, चंदौली, व बिहार के लोगों के लिए सबसे सीधा रास्ता है। जिस पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। इस मार्ग को फोरलेन हो जाने से राहगीरों को राहत मिलेगी।
20 किमी की सड़क में कही एक तो कही दो व कही फोरलेन मार्ग
मीरजापुर से औराई जाने पर कही एक तो कही दो व कही फोरलेन सड़क है। नटवां से शास्त्री सेतु तक दो लेन है। इसके बाद सड़क फोरलेन हो जाती है। टेढ़वां पहुंचने पर सड़क दो लेन की हो जाती है। माधोसिंंह रेलवे क्रासिंग पहुंचने पर दिखने में दो लेन दिखेगी, लेकिन जगह कम होने के कारण उसे एक लेन की ही सड़क माना गया है।
थोड़ी दूर जाने पर सड़क दो लेन हो जाती है इसके बाद फिर फोरलेन दिखने लगती है। ऐसे में वाहन स्वामियाें को इस पर चलने में परेशानी होती है।


