हिमाचल के CBSE स्कूलों में शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों से मांगे जाएंगे तीन विकल्प, क्या रहेगा नियुक्ति का आधार?

हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से स्क्रीनिंग टेस्ट में चयनित हुए शिक्षकों की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। पांच मई से होने वाली काउंसिलिंग के दौरान शिक्षकों के दस्तावेज जांचे जाएंगे।

काउंसिलिंग के दौरान हर शिक्षक से तीन-तीन स्कूलों के विकल्प मांगे जाएंगे। यदि एक ही स्कूल के लिए ज्यादा विकल्प आ जाते हैं तो उस स्थिति में मेरिट देखी जाएगी।

छात्र संख्या आधार पर होगी नियुक्ति

हिमाचल में 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इनमें शिक्षकों की नियुक्ति वहां की छात्र संख्या के आधार पर होगी। स्कूलों में सेक्शन भी इसी आधार पर बनाए गए हैं।

30 बच्चों का एक सेक्शन

नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक 30 बच्चों का एक सेक्शन बनाया गया है। इससे ज्यादा बच्चे हैं तो दो सेक्शन बनाने के निर्देश हैं।

एक स्कूल में भरे जाएंगे 30 पद

प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों के 26 से 30 पद एक स्कूल में भरे जाएंगे। हर स्कूल में पांच जेबीटी शिक्षक अनिवार्य किए गए हैं। प्री प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक ये बच्चों को पढ़ाने का कार्य करेंगे। टीजीटी, डीएम, एलटी व शास्त्री के 13 पद होंगे। 11वीं 12वीं में 16 शिक्षक होंगे। इसके अलावा प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य का पद भी इन स्कूलों में अनिवार्य किया गया है।

दो तरह से हो रही भर्ती

शिक्षा विभाग सीबीएसई स्कूलों में दो तरह से भर्ती कर रहा है। इसमें मौजूदा शिक्षकों का स्क्रीनिंग टेस्ट लेकर उन्हें सब कैडर में शामिल कर स्कूलों में तैनाती दी जा रही है। दूसरा पॉलिसी आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। काउंसिलिंग के बाद पद खाली रहने पर सीधी भर्ती से चयनित होकर आने वालों की नियुक्ति होगी।

 800 पद अंग्रेजी व गणित विभाग के भरे जा रहे हैं। संगीत, योग, आइपी जैसे कुछ अन्य विषयों के पदों को भी भरा जा रहा है। 520 पद आउटसोर्स आधार पर भरे जा रहे हैं। इसमें योग शिक्षकों के अलावा काउंसलर कम वेलनेस शिक्षक, कैटरिंग सुपरवाइजर व आया के पद शामिल हैं।

अतिरिक्त मानदेय मिलेगा

सब कैडर में जिन शिक्षकों को शामिल किया जा रहा है, उन्हें अतिरिक्त मानदेय मिलेगा। प्रधानाचार्य को 4500 रुपये, उपप्रधानाचार्य को 4,000 रुपये व अन्य शिक्षकों को 3500 रुपये प्रति माह मानदेय तय किया है।

प्रधानाचार्य व शिक्षकों का प्रशिक्षण अनिवार्य

राज्य सरकार ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य से लेकर सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण अनिवार्य किया है। इन शिक्षकों को विभाग अकादमिक नेतृत्व, शिक्षण कौशल, सामुदायिक सहभागिता, संकट प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन और स्कूल विकास योजना पर प्रशिक्षण देगा। शिक्षकों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। प्रत्येक शिक्षक का ट्रेनिंग पोर्टफोलियो तैयार कर हर वर्ष उसकी समीक्षा की जाएगी।

हर विद्यार्थी का बनेगा डिजिटल अकादमिक पोर्टफोलियो

विभाग सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हर विद्यार्थी का डिजिटल अकादमिक पोर्टफोलियो तैयार करेगा। इसके लिए प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस साल इन स्कूलों में गैर बोर्ड कक्षाओं के ही दाखिले होंगे। इसलिए यह प्रक्रिया अगले साल से शुरू की जाएगी। शिक्षा निदेशालय द्वारा सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की वार्षिक रैंकिंग की जाएगी जो छात्र उपस्थिति से लेकर आधारभूत ढांचा व अन्य सुधार जैसे मानकों के आधार पर होगी।

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