कौसर जहां की हत्या के बाद उनकी तीनों बेटियों ने खून से लथपथ मां को सामने पड़े देखा था। सहमी बच्चियों को देखकर एसपी सिटी विनायक भोसले भी उनके साथ बैठ गए। उन्होंने बच्चियों के सिर पर हाथ रखकर पूछा, तुम्हे क्या अच्छा लगता है।
बच्चियों ने जूस पीने खिलौने से खेलने की बात कही। इससे बच्चियों के आंसू रुक गए। बच्चियां भी एसपी सिटी को दोस्त की तरह मान रही थीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। काफी लोगों ने इस पर एसपी सिटी की तारीफ की। बातों बातों में बड़ी बेटी सानिया ने एसपी सिटी को यह भी बता दिया कि पापा ने कटर से मम्मी का गला काटा था।
अवैध संबंध के शक में पति शाकिब ने कागज काटने वाले कटर से पत्नी कौसर जहां की गला काटकर हत्या कर दी और फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी छह साल की बेटी ने पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने मकान मालकिन से काॅल कराकर आरोपित को घर पर बुलाया और गिरफ्तार कर लिया।
लूट दर्शाने के लिए सामान बिखेरा, शव से लिपटकर रोने लगा शाकिब
मकान मालिक फराह ने फोन कर शाकिब को घर बुलाया। वह कौसर के शव से लिपटकर रोने लगा। उसने कुर्सी पर बैठकर कौसर की हत्या का गम होने का नाटक भी किया। पुलिस के हिरासत में लेने के बाद ही हत्या करना कुबूला। शाकिब ने हत्या करने के बाद घर का सामान भी बिखेर दिया था, ताकि पुलिस लूट का मामला समझकर गुमराह हो जाए।
मायके वालों ने घर पर, हत्यारोपित की बहनों ने थाने पर किया हंगामा
कौसर के मायका पक्ष की महिलाओं ने शव देखकर हंगामा किया। उन्होंने पति शाकिब पर ही हत्या का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की मांग की थी। आरोप लगाया कि 15 दिनों से विवाद था। पुलिस को भी सूचना दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। शाकिब के पकड़े जाने के बाद ही कौसर के परिवार वाले शांत हुए। इसके बाद शाकिब की दो बहनों ने थाने पर पहुंच हंगामा किया और शाकिब को साथ ले जाने की मांग की। उनका कहना था कि शाकिब पत्नी की हत्या नहीं कर सकता। पुलिस के साक्ष्य दिखाने के बाद दोनों बहनें वापस लौट गईं।
15 दिन पहले साकिब ने ससुराल वालों को दी थी कौशर की मौत की झूठी सूचना
साकिब ने 15 दिन पहले ससुराल वालों को कौशर की छत से गिरकर मौत होने की झूठी सूचना दी थी। सूचना मिलते ही ससुराल वाले मजीदनगर पहुंचे तो कौशर जिंदा मिली। उन्होंने साकिब से ऐसी झूठी सूचना देने के बारे में पूछा तो उसने मजाक करने की बात कही थी। इसके बाद ससुराल वाले साकिब को दोबारा से ऐसी मजाक नहीं करने की नसीहत देकर चले गए थे।


