सेक्टर-13 क्षेत्र में हुई सोनिया की हत्या मामले में सामने आया कि उसे शादी के चार माह बाद से ही प्रताड़ित किया जा रहा था। वहीं, इसी सप्ताह एकादशी को सोमवार सुबह 7 बजे से मृतका सोनिया का पति अचानक लापता हो गया था।
पुलिस में अगले दिन गुमशुदा की शिकायत की तो उसी दिन शाम को घर के गेट पर ही खड़ा मिला। सोनिया बड़ी बहन शालू ने बताया कि शादी के कुछ ही महीनों बाद से ही सोनिया को ससुराल पक्ष प्रताड़ित करने लगा था। आरोप है कि पति सौरव और उसका परिवार अक्सर सोनिया को ताने देते थे कि वह मायके से कुछ लेकर नहीं आई।
स्वजनों के अनुसार, सोनिया के माता-पिता पहले भी किराये के मकान में रहते थे और आज भी उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य ही है। इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। शालू ने बताया कि शादी के करीब चार महीने बाद ही सौरभ का व्यवहार बदल गया और उसने सोनिया को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
तीन महीने पहले भी गला दबाने का आरोप
स्वजन ने बताया कि करीब तीन महीने पहले भी सोनिया का गला दबाने की कोशिश की गई थी। उस दौरान उसकी बेटी ने बाहर आकर लोगों को बताया था कि उसके पिता उसकी मां को मार रहे हैं। इस घटना के बाद पंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें सोनिया ने परिवार के दबाव में आकर समझौता कर लिया था।
सोनिया के पिता की दो माह पहले हुई थी मौत
बताया कि फरवरी माह में सोनिया के पिता हरीश की लीवर की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। सोनिया अक्सर कहती थी कि अगर वह ससुराल छोड़कर मायके आ गई, तो उसके पिता की तबीयत और बिगड़ सकती है। इसी वजह से वह सब कुछ सहती रही।
प्रॉपर्टी विवाद भी बना कारण
शालू के मुताबिक, ससुराल में भाईयों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद चल रहा था। जिसमें सोनिया को सिर्फ एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में उसके पति ने न तो उसे कोई खर्च दिया और न ही कभी उसकी जरूरतों का ध्यान रखा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्वजन के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपित पति पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।


