राजधानी दिल्ली में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत हाउस लिस्टिंग का काम 16 अप्रैल से शुरू हो गया है। फिलहाल यह प्रक्रिया एनडीएमसी और दिल्ली कैंट क्षेत्रों में चल रही है, जहां जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर 33 सवालों के माध्यम से डिजिटल एप पर मकानों और उनमें उपलब्ध सुविधाओं का ब्यौरा जुटा रहे हैं। यह चरण 15 मई तक चलेगा, जबकि 16 मई से एमसीडी क्षेत्रों में भी सर्वे की शुरुआत होगी।
आंकड़ों के अनुसार, 19 अप्रैल से 22 अप्रैल के बीच करीब तीन हजार मकानों की हाउस लिस्टिंग पूरी की जा चुकी है। बुधवार को जनगणना टीम चाणक्यपुरी स्थित विवेकानंद कैंप पहुंची, जहां लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई निवासी इस बात को लेकर असहज नजर आए कि सर्वे करने आए लोग वास्तव में सरकारी अधिकारी हैं या नहीं।
कर्मियों को करना पड़ा सवालों का सामना
वहीं, बड़ी संख्या में लोगों को ‘हाउस लिस्टिंग’ की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य की स्पष्ट जानकारी नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस सर्वे के तहत गरीबी रेखा में आने वाले परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा। दिनभर जनगणना कर्मियों को ऐसे ही सवालों का सामना करना पड़ा। झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में स्थिति और भी संवेदनशील दिखी, जहां कई लोग अपनी पहचान बताने में हिचकिचाते नजर आए।
उन्हें आशंका है कि कहीं इस सर्वे के आधार पर उन्हें उनके निवास स्थान से हटाया न जाए। हालांकि, जनगणना अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी है और इसका उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना है, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।


