लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली का बड़ा खेल, सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर हल्के वाहनों से वसूल रहे अधिक टैक्स

लखनऊ एक्सप्रेसवे में हल्के मालवाहक वाहनों से टोल वसूली का खेल चल रहा है। फतेहाबाद हो या फिर लखनऊ स्थित टोल प्लाजा। इन दोनों जगहों पर लगे बोर्ड में अधिकतम भार और टोल टैक्स अंकित है लेकिन न्यूनतम भार नहीं दिया गया है।

सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते तीन हजार किग्रा भार वाले वाहनों को 7500 किग्रा (12 हजार किग्रा से अधिक की श्रेणी) में रखा जाना चाहिए। इसी आधार पर इनसे 670 रुपये वसूले जाने चाहिए लेकिन इसके उलट 1015 रुपये प्रति यात्रा लिया जा रहा है। एक्सप्रेसवे में हर दिन दो हजार से अधिक हल्के मालवाहक वाहन गुजरते हैं।

अतिरिक्त टोल टैक्स की शिकायतें

ऐसे में हर दिन 345 रुपये अतिरिक्त टोल वसूलने से 6.90 लाख रुपये का फायदा हो रहा है। अगर अतिरिक्त टोल टैक्स की शिकायतें की जाती हैं तो निर्धारित रकम को वापस कर दिया जाता है। टोल टैक्स में चल रहे खेल से उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

हर दिन गुजरते हैं दो हजार हल्के मालवाहक वाहन

लखनऊ प्रदेश का दूसरा एक्सप्रेसवे है। एक्सप्रेसवे से हर दिन 45 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। फतेहाबाद टोल प्लाजा में हर दिन दो करोड़ रुपये का टोल टैक्स मिलता है। इसमें दो हजार हल्के मालवाहक वाहन भी शामिल हैं। इनकी संख्या दो हजार के आसपास है।

हल्के मालवाहक वाहनों की श्रेणी की बात की जाए तो एक किग्रा से 7500 किग्रा (क्लास फोर टैग), 7500 से 12 हजार किग्रा (क्लास फाइव टैग), 16 हजार से 25 हजार किग्रा सहित 54 हजार किग्रा तक की कैटेगरी है। यूपीडा द्वारा सभी टोल प्लाजा में अधिकतम भार तो अंकित किया है लेकिन कहीं पर भी न्यूनतम भार का जिक्र नहीं किया गया है।

345 रुपये अतिरिक्त लेने पर हो रहा 6.90 लाख रुपये का फायदा

शाहदरा दिल्ली के अवनीश जांगड़ ने बताया कि 24 मार्च से 21 अप्रैल के मध्य आठ बार महिंद्रा पिकअप से लखनऊ एक्सप्रेसवे में सफर किया। हल्के मालवाहक वाहन का वजन तीन हजार किग्रा था।

  • सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते तीन हजार किग्रा के वाहन को 12 हजार किग्रा में शामिल कर लिया। 670 रुपये के स्थान पर 1015 रुपये वसूल किए गए।
  • 24 मार्च की रात एक्सप्रेसवे के किमी नंबर 77 से 21 तक सफर किया। इस दौरान 180 रुपये के बदले 280 रुपये का टोल वसूला गया।
  • दो अप्रैल को किमी नंबर 21 से 77 तक 190 के बदले 290 रुपये, तीन अप्रैल को किमी 220 से 290 तक 320 रुपये लिए गए।
  • इसकी शिकायत यूपीडा और टोल अधिकारियों से की गई तो आठ अप्रैल को 120 रुपये वापस खाते में आ गए।

आठ में तीन बार अतिरिक्त लिया गया टोल टैक्स

अवनीश ने बताया कि आठ में तीन बार अतिरिक्त लिया गया टोल टैक्स फास्टैग खाते में आ गया है लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए मालवाहक वाहनों की श्रेणी में बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसके विपरीत यमुना एक्सप्रेसवे, इनर रिंग रोड टोल प्लाजा और नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा में नियमों का पालन किया जा रहा है। जितना गाड़ी का वजन होता है। उसी श्रेणी में टोल वसूला जा रहा है।

 हर दिन 6.90 लाख रुपये अतिरिक्त मिल रहा है

एक्सप्रेसवे से हर दिन दो हजार से अधिक महिंद्रा पिकअप, टाटा-407, महिंद्रा वीरो सहित दो हजार वाहन (7500 किग्रा से कम) गुजरते हैं। इससे यूपीडा को हर दिन 6.90 लाख रुपये अतिरिक्त मिल रहा है। कहीं न कहीं यह साफ्टवेयर में गड़बड़ी कर खेल किया जा रहा है।

एक साल से खराब पड़ी है वे-इन-मोशन मशीन

लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद टोल प्लाजा में 12 लेन हैं। इसमें एक से सात लेन तक में वे-इन-मोशन मशीन लगी है। यह मशीन 15 से 20 किमी की गति से गुजरते वाहनों का वजन माप सकती है लेकिन टोल प्लाजा में एक साल से मशीन खराब पड़ी है। इसकी शिकायत भी हो चुकी है। यूपीडा अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

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