महानदी जल विवाद को लेकर ट्रिब्यूनल में हुई सुनवाई के दौरान अहम प्रगति सामने आई है। ट्रिब्यूनल ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया है कि महानदी में उपलब्ध कुल जलराशि का आंकड़ा मिलियन एकड़ फीट में प्रस्तुत करें।
यह आंकड़े अगली सुनवाई से पहले दाखिल करने होंगे। मामले में दोनों राज्यों की तकनीकी टीमों के बीच अब तक करीब 13 दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में महानदी के मौसमी और गैर-मौसमी जल प्रवाह से संबंधित विस्तृत डेटा एकत्र किया गया है।
एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य के अनुसार, यह सभी आंकड़े 2 मई को होने वाली अगली सुनवाई में ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश किए जाएंगे। वहीं, विवाद के विभिन्न बिंदुओं पर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सहमति बनाने के प्रयास भी जारी हैं।
अब तक चिन्हित 45 मुद्दों में से कई पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बन चुकी है। शेष मुद्दों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों राज्यों ने ट्रिब्यूनल से सात दिन का समय मांगा था, जिसे मंजूरी मिल गई है।
अब इस मामले में 2 मई की सुनवाई अहम मानी जा रही है, जहां दोनों राज्यों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और सहमति बिंदुओं पर आगे की दिशा तय होगी।


