लखनऊ के इंटौजा-महोना, कुम्हरावा से बाराबंकी के कुर्सी होकर देवा-चिनहट मार्ग से लखनऊ बाराबंकी आउटर फोरलेन बनाया जाना है। यह नवीन मार्ग औद्योगिक क्षेत्र कुर्सी रोड के साथ चिनहट इंडस्ट्रियल एरिया को कनेक्ट करेगा।
साथ ही सीतापुर रोड से बाराबंकी, अयोध्या और पूर्वांचल के भारी वाहनों का बिना नो इंट्री के अबाध आवागमन हो सकेगा। पूर्वांचल से सीतापुर, लखीमपुर, बरेली, पीलीभीत जाने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग विकल्प के तौर पर अहम माना जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग खंड एक की ओर से लगभग 27.350 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित कर लखनऊ और बाराबंकी के आउटर रोड के तौर पर विकसित किए जाने की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना में 468 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
वर्तमान में सड़क की चौड़ाई सात मीटर है, जबकि इसके दोनों ओर पर्याप्त पटरी और उपलब्ध विनियमित सरकारी भूमि का उपयोग फोरलेन आउटर रोड पर जल्द गति मिल सकेगी। ऐसे में चौड़ीकरण के लिए किसानों की निजी जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा। पेड़ों और विद्युत पोलों का चिह्नांकन कार्य किया गया है।
मुख्य बिंदु-
- औद्योगिक क्षेत्र कुर्सी-देवा-चिनहट के साथ किसान पथ से सुगम होगा कनेक्ट
- लखनऊ और बाराबंकी के आउटर पर भारी वाहनों को नो इंट्री से मिलेगी निजात
- 27 किमी प्रस्तावित फोरलेन से लखनऊ और बाराबंकी को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
- पूर्वांचल से सीतापुर, बरेली शाहजहांपुर जाने में नहीं झेलना होगा यातायात दबाव
पूर्वांचल के भारी वाहनों की राह होगी सुगम
पूर्वांचल से सीतापुर होकर बरेली, शाहजहांपुर, दिल्ली की ओर जाने वाले भारी मालवाहक वाहनों को अभी बाराबंकी और लखनऊ शहर के भीतर से होकर जाना पड़ता है। लखनऊ की सड़कों पर व्यस्ततम यातायात के बीच अक्सर कई घंटों तक नो-इंट्री में वाहनों को शहर के बाहर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सीतापुर राजमार्ग से किसान पथ और अयोध्या गोरखपुर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए यह फोरलेन महत्वपूर्ण साबित होगा।
औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी रफ्तार
यह मार्ग लखनऊ-कुर्सी-महमूदाबाद मार्ग के किलोमीटर 26 से निकलकर देवा होते हुए चिनहट तक जाता है और आगे किसान पथ को भी क्रास करता है। यह सड़क कुर्सी, माती और चिनहट के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आउटर मार्ग है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
इन गांवों को मिलेगा लाभ
लखनऊ से देवा तक बनने वाले फोर लेन पर पड़ने वाले कुर्सी, बेहड़पुरवा, मित्तई, खेवली, भिटौली, देवा, सिपहिया, गोपालपुर, गुरगुज, बेलहा, करौंदा, ग्वारी, खेवली, शाहपुर, गौरिया, मैनाहार, कैथी, सरैय्या, सरकौना, बरेठी, तिंदोला, दुंदपुरवा, नगर, खजूरगांव, भडरिया, रानीगंज, पहाड़पुर, हडौरी, बस्ती, माती ग्राम प्रमुख हैं। लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। निकटवर्ती शहर सीतापुर व बहराइच जाने के लिए फोरलेन चौड़ाई का मार्ग उपलब्ध होगा।


