बढ़ती महंगाई और दिखावे के चलन को देखते हुए कांडोई भरम खत से जुड़े सात गांवों के लोगों ने खुमड़ी व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
खतवासियों ने शादी समारोह और लोक उत्सवों में महिलाओं के लिए कान, नाक और गले में केवल तीन सोने के गहने पहनने का नियम लागू किया है। इस निर्णय का पालन सभी खतवासी करेंगे। यदि कोई परिवार इस नियम का उल्लंघन करता है, तो पहली बार 51 हजार का अर्थदंड लिया जाएगा।
पुनरावृत्ति पर उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, और खत का कोई व्यक्ति नियम तोड़ने वाले परिवार के सुख-दुख में शामिल नहीं होगा।
महापंचायत में लिया गया फैसला
जौनसार बावर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध कांडोई भरम खत में शुक्रवार को महापंचायत का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खत के सदर स्याणा महेंद्र सिंह चौहान ने की। बैठक में कांडोई भरम, गोरछा, पिंगुवा, ठारठा, कुनवा, पुनिंग और कावाखेडा गांवों के लोगों ने भाग लिया। खतवासियों ने विवाह समारोह और लोक उत्सवों में दिखावे के चलन और महंगाई के कारण घर के बजट में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सामूहिक निर्णय लिया है।
खत स्याणा महेंद्र चौहान ने बताया कि आधुनिक युग में जनजाति समाज की पारंपरिक संस्कृति खतरे में है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कई संपन्न लोग शादी समारोहों में दिखावे के लिए अत्यधिक खर्च कर रहे हैं। इस दिखावे के कारण समाज के कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे दाम्पत्य जीवन में तनाव उत्पन्न हो रहा है।


