बिना डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड (डीएसी) सिलिंडर देना रसोई गैस एजेंसियों के संचालकों पर भारी पड़ने लगा है। डीएसी का मिलान न हो पाने के बाद तेल कंपनियों ने एजेंसियों पर जुर्माना लगाना शुरू किया है।
इन एजेंसियों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिन एजेंसियों पर स्टाक से जुड़ा रजिस्टर और अन्य खामियां मिल रही हैं, उनको चेतावनी दी जा रही है।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि मार्च में सर्वर न चलने के कारण डीएसी नहीं आ रहा था। प्रशासन ने दबाव बनाकर सिलिंडर की डिलीवरी करा दी। अब इसका आधार लेकर कार्रवाई करना गलत है।
तेल कंपनियों ने कई चरण में डीएसी को 95 प्रतिशत तक अनिवार्य कर दिया था। कुछ दिनों पहले बैठक में अधिकारियों ने इसे शत प्रतिशत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अभी इस संबंध में कोई पत्र नहीं आया है लेकिन तेल कंपनियों के अधिकारी इसे लेकर लगातार जांच कर रहे हैं।
पिछले दिनों महानगर की 15 एजेंसियों की जांच में कमियां मिली थीं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी कमी मिल रही है। जंगल कौड़िया ब्लाक क्षेत्र की एक एजेंसी पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाने का भी मामला सामने आ रहा है।जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जुर्माना लगाना तेल कंपनियों का आंतरिक मामला है। रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसका फायदा भी दिख रहा है। कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा में सिलिंडर उपलब्ध हो जा रहा है।
डीएसी नहीं तो गोदाम में दिखेगा स्टाक
एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि यदि बिना डीएसी सिलिंडर दिया तो सिस्टम में सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में सिलिंडर देने के बाद भी स्टाक में यह दिखता रहेगा। जांच में गाेदाम में सिलिंडर और सिस्टम में सिलिंडर की संख्या में अंतर मिल रहा है। इसको आधार बनाकर जुर्माना लगाया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि एजेंसियों ने प्रशासन के निर्देश पर बिना डीएसी सिलिंडर दिया है।
18 सौ सिलिंडर कम मिले थे
लालडिग्गी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कृष्णा गैस एजेंसी की जांच में 18 सौ सिलिंडर कम मिले हैं। इसके आधार पर एजेंसी का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। इस एजेंसी के ग्राहकों को छात्रसंघ चौराहा स्थित सुशीला गैस सर्विस से संबद्ध कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले महानगर की एक बड़ी एजेंसी को डीएसी न मिलने के कारण दो दिनों तक सिलिंडर नहीं दिया गया था।


