मधुपुर जंक्शन से बिना बुकिंग के अवैध रूप से बोरा लादकर ट्रेनों में ले जाने का धंधा जारी है। प्रतिदिन सैकड़ों टन सामान (जैसे सब्जी, फल, या अन्य व्यावसायिक सामान) यात्रियों के सिर पर ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है, जिससे रेलवे को भारी राजस्व की हानि हो रही है।
वहीं, रेलयात्रियों को सफल करने के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रेल यात्रियों का कहना है कि विरोध करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है।
विभागीय अधिकारियों की मौन सहमति से यह अवैध व्यापार फल-फूल रहा है। इसके कारण सामान्य रेलयात्रियों के लिए सीट पर बैठना तो दूर, खड़े होने की जगह भी नहीं मिलती, जिससे यात्री बेहद परेशान रहते हैं। बताया जाता है कि मधुपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में बोरे में सामान भरकर अवैध रूप से ले जाया जाता है।
माल बुकिंग के बिना माल ढुलाई से रेलवे को प्रतिदिन बड़ा आर्थिक घाटा हो रहा है। अवैध सामानों की वजह से ट्रेनों में बैठने की जगह नहीं मिलती, यात्रियों का सफर कष्टकारी हो जाता है।
अधिकारियों की उदासीनता: रेलवे के स्थानीय अधिकारी और पुलिस मूकदर्शक बने हुए हैं, जिससे यह धंधा बेखौफ चल रहा है।
समस्या का प्रभाव: आम रेल यात्रियों को कंफर्म सीट होने के बावजूद बैठने में दिक्कत होती है। ट्रेनों के गलियारों में बोरे भरे होने से आवाजाही बंद हो जाती है। रेल सूत्रों का कहना है कि यह धंधा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह बेहद खतरनाक है।
इस धंधे में कई नकली कुली भी शामिल है जो लाल कमीज पहनकर ट्रेन में बोरी चढ़ा रहे है जो जांच होने पर नकली कुली गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। रेल यात्रियों ने रेलवे के वरीय अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण और ठोस कार्रवाई की मांग है।


