सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद संभालते ही बिहार के विभिन्न जिलों की जेलों में शुक्रवार सुबह पुलिस-प्रशासन ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया।
इस दौरान जेलों के हर वार्ड और बैरक की सघन तलाशी ली गई, जिससे कैदियों के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि औरंगाबाद को छोड़कर कहीं से भी कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
सिवान जेल में एक घंटे तक रेड
औरंगाबाद मंडल कारा में शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा औचक छापेमारी की गई। सुबह होते ही करीब पौने छह बजे डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी अंबरीष राहुल पुलिस बलों के साथ जेल में पहुंचे।
तलाशी अभियान के दौरान कैदियों के बेड और झोला तक जांच की गई। जेल के सभी पुरुष एवं महिला वार्ड, विशेष सेल तथा अस्पताल परिसर की भी गहन तलाशी ली गई।
छापेमारी में एक पिलास, दो पेचकस, लोहे का एक नुकीला टुकड़ा, छोलनी के हैंडल से बनाए गए दो चाकू, छोलनी के दो टूटे हुए हैंडल, पुट्टी कार्य में इस्तेमाल होने वाले दो टीन के स्क्रैपर, टिन का टूटा टुकड़ा तथा एक खाली चुनौटी मिला।
सिवान मंडल कारा में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा के नेतृत्व में छापेमारी की गई। करीब एक घंटे तक चली इस कार्रवाई में पांच थानों की पुलिस और अतिरिक्त बल शामिल रहा, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इसी तरह भोजपुर में डीएम तन्य सुल्तानिया और एसपी राज के नेतृत्व में सुबह चार बजे से छह बजे तक संयुक्त छापेमारी की गई। अधिकारियों ने सभी वार्डों की गहन तलाशी ली, लेकिन यहां भी कुछ आपत्तिजनक बरामद नहीं हुआ।
बक्सर में खंगाला गया जेल का चप्पा-चप्पा
बक्सर केंद्रीय कारा में डीएम और एसपी के नेतृत्व में करीब ढाई घंटे तक तलाशी अभियान चला। वहीं वैशाली में डीएम वर्षा सिंह और एसपी विक्रम सिहाग के नेतृत्व में लगभग दो घंटे तक छापेमारी की गई।
दोनों स्थानों पर सभी वार्ड, बैरकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई, लेकिन कहीं से भी प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली।


