सिंगरौली। जिले के नवानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनसीएल निगाही परियोजना से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। आरोप है कि परियोजना में तैनात प्राइवेट सिक्योरिटी के तीन से चार कर्मचारियों ने एक ग्रामीण व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट की। बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यक्ति क्षेत्र में बकरी चरा रहा था, तभी सिक्योरिटी कर्मियों ने उसे रोककर चोरी के संदेह में घेर लिया और निर्ममता से पीटना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय सूत्रों के अनुसार सिक्योरिटी कर्मियों ने पीड़ित से पूछा कि वह प्रतिबंधित क्षेत्र के आसपास क्यों आया है और उस पर चोरी की नीयत से आने का आरोप लगाया। इसके बाद बिना किसी विधिक प्रक्रिया का पालन किए उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। मारपीट इतनी गंभीर थी कि व्यक्ति मौके पर ही बेहोश हो गया।
आरोप यह भी है कि जब पीड़ित अचेत हो गया, तो सिक्योरिटी कर्मियों ने उसे मृत समझकर मौके से दूर फेंक दिया और वहां से चले गए। बाद में स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद मामले की जानकारी सामने आई।

फोटो में पीड़ित के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान साफ देखे जा सकते हैं। जांघ, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर सूजन, खरोंच और रक्तस्राव के चिन्ह दिखाई दे रहे हैं, जो कथित मारपीट की गंभीरता को दर्शाते हैं।
नियमों के विपरीत कार्रवाई का आरोप
जानकारों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति खदान क्षेत्र में चोरी के सामान के साथ पकड़ा भी जाता है, तब भी प्राइवेट सिक्योरिटी को उसके साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे हिरासत में लेकर संबंधित थाना पुलिस को सौंपना होता है। कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर इस प्रकार की हिंसक कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि कुछ निजी सुरक्षा कर्मियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचक रहे।

स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्दोष ग्रामीणों और पशु चराने वालों के साथ इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में नवानगर थाना पुलिस की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी और उसमें कार्यरत आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है या नहीं।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल मारपीट बल्कि हत्या के प्रयास और गैरकानूनी बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं के अंतर्गत भी दर्ज किया जा सकता है।
अगले अंक में इस पीड़ित से मारपीट करने वाले कौन कौन?


