ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। ऐसे हालात में भारत सरकार वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।
बोकारो स्टील प्लांट ने पीएनजी की ओर बढ़ाया कदम
उर्जा संकट के बीच सार्वजनिक उपक्रम-स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधीन संचालित बोकारो स्टील प्लांट में पहली बार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग की पहल की जा रही है। यह कदम न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि औद्योगिक उत्पादन को भी अधिक टिकाऊ बनाएगा।
बोकारो स्टील प्लांट (Boakaro Steel Plant) में पीएनजी गैस (PNG) की आपूर्ति के लिए आवश्यक पाइपलाइन कास्टर यूनिट तक पहुंचा दी गई है और आने वाले दिनों में इसका उपयोग शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही बोकारो के औद्योगिक क्षेत्र में भी गैस आपूर्ति के लिए व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है।
और अधिक स्वच्छ होगी उत्पादन प्रक्रिया
अब तक जहां उद्योगों में कोयले पर निर्भरता अधिक रही है, वहीं पीएनजी के उपयोग से उत्पादन प्रक्रिया अधिक स्वच्छ और कुशल बनेगी। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, गैस आधारित प्रणाली से संचालन लागत में संतुलन के साथ-साथ मशीनों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो कोयले की तुलना में पीएनजी एक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। केवल बोकारो स्टील प्लांट में ही पीएनजी के उपयोग से लगभग 100 टन कोयले की दैनिक बचत संभव मानी जा रही है। इससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
पार्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जहां पारंपरिक ईंधनों की आपूर्ति और कीमतें अस्थिर हैं, वहीं गैस आधारित ऊर्जा प्रणाली उद्योगों के लिए अधिक स्थिर और दीर्घकालिक समाधान के रूप में उभर रही है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करने वाली साबित होगी।


