सुमेरपुर कस्बे के बांकी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में जनसेवा केंद्र संचालक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। तीन दिन पहले ही केंद्र संचालक की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था।
घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने और नया मकान बड़ी बेटी के नाम करने का जिक्र किया है। घटना से मृतक के स्वजन बेहाल हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
कांशीराम कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय अंकित कुमार ओमर कस्बे में बालाजी कंप्यूटर्स के नाम से जनसेवा केंद्र का संचालन करता था। अभी हाल ही में उसने अपना निजी मकान बनाया है। जिसमें परिवार के सदस्य रहने लगे थे।
अंकित ने कर ली आत्महत्या
कॉलोनी में कुछ सामान रखा था, जिसे मकान में लाकर रखा जा रहा था। सोमवार की देर रात अंकित कॉलोनी से कुछ सामान निकालने गया था। लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। स्वजन जब उसे खोजते हुए कॉलोनी पहुंचे तो कमरे में अंकित का शव लटका हुआ था।
स्वजन शव को फंदे से उतारकर पीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें अंकित ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है। उसने आगे लिखा है कि उसका मकान बेटी के नाम कर दिया जाए।
अंकित ने लिखा सुसाइड नोट
पुलिस ने सुसाइड नोट भी जब्त कर लिया है। केंद्र संचालक का परिवार मूलरूप से पुखरायां निवासी अंकित के छोटे भाई अमर ने दस माह पूर्व फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां की बीमारी से मौत हो चुकी है। अंकित का परिवार मूलरूप से कानपुर देहात के पुखरायां निवासी था।
बचपन में ही मां सभी बच्चों को लेकर सुमेरपुर अपने मायके में आकर रहने लगी थी। दोनों भाइयों ने मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण किया। तीन दिन पूर्व अंकित की पत्नी खुशबू ने एक बेटी को जन्म दिया है। इस घटना से स्वजन बेहाल हैं।


