दस लाख की रंगदारी मांगने वाले हिस्ट्रीशीटर से ढाबा संचालक ने खुद और परिवार को खतरा बताया है। दहशत के चलते परिवार के साथ घर छोड़ने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके ट्रांस यमुना थाना पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर से हिस्ट्रीशीटर पर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
नगला रामबल निवासी राजू ने थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज कराया था। राजू ने मुकदमे में कहा था कि उनका सौ फुटा मार्ग, कालिंदी विहार पर ढाबा है। मोनू यादव अपने गुर्गों के साथ उनके ढाबे पर आए दिन खाना खाने आता था। दबंगई दिखाता था, खाने के रुपये नहीं देता था।
इससे परेशान होकर उसने अपना ढाबा किराए पर दे दिया। राजू का आरोप है कि 22 जनवरी को पंचमुखी मंदिर के पास मोनू यादव, रजत यादव, सेठी यादव, सोनू यादव और मुरली यादव ने उसे पकड़ लिया। बेरहमी से मारपीट की गई।
मोनू यादव ने उस पर गोली चलाई, लेकिन वह बच गया। पीड़ित के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव 16 अप्रैल को जमानत पर जेल से छूटा और 17 अप्रैल को जब राजू को पकड़कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
ढाबा संचालक का कहना है कि पुलिस ने अभी तक आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। शिकायती पत्र के साथ 25 मुकदमों की सूची देने का दावा किया है।
थाना प्रभारी ट्रांस यमुना हरेंद्र कुमार का कहना है कि दर्ज मुकदमे में जांच जारी है। ढाबा संचालक के वीडियो के बारे में जानकारी नहीं है।


