अमेरिकी हमलों से कमजोर पड़ा ईरान, अब भी है पूरी क्षमता; और बढ़ी सैन्य ताकत
अमेरिका के हमलों से ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन उसकी पूरी क्षमता खत्म नहीं हुई है। एक अमेरिकी संस्था के आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध के दौरान ईरान लगातार हमले करता रहा और उसकी कार्रवाई पूरी तरह नहीं रुकी। इससे साफ है कि नुकसान के बावजूद वह अभी भी जवाब देने की स्थिति में है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और बड़ी संख्या में हथियार और सिस्टम नष्ट किए। इसके बावजूद खुद अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने माना है कि ईरान अब भी हमला करने की क्षमता रखता है।
मिसाइल और एयर डिफेंस को भारी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 450 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके अलावा 1500 से ज्यादा एयर डिफेंस से जुड़े ठिकानों पर हमले किए गए।
ईरान के 422 एयर डिफेंस सिस्टम भी नष्ट किए जाने का दावा किया गया है। इसके साथ ही 800 से ज्यादा ड्रोन स्टोरेज ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी जनरल डैन केन ने कहा कि इन सिस्टम को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है, लेकिन रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने माना कि ईरान अब भी हमला करने में सक्षम है।
नौसेना को झटका
अमेरिका के मुताबिक, ईरान की नियमित नौसेना का 90 प्रतिशत हिस्सा नष्ट कर दिया गया है और करीब 150 जहाज समुद्र में डुबो दिए गए हैं। साथ ही 95 प्रतिशत नौसैनिक बारूदी सुरंगों को भी खत्म किया गया है।
हालांकि, बाकी बची 5 प्रतिशत सुरंगें अभी भी खतरा बनी हुई हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में। इसके अलावा रिवोल्यूशनरी गार्ड के आधे छोटे हमलावर जहाज अब भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
परमाणु ढांचे पर असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की 90 प्रतिशत हथियार फैक्ट्रियों और 80 प्रतिशत परमाणु औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसके बावजूद यह भी कहा गया है कि ईरान भविष्य में अपनी सैन्य क्षमता फिर से खड़ी कर सकता है या दूसरे देशों से हथियार हासिल कर सकता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

