बिजली के मीटर पोस्ट पेड से प्री पेड हो गए हैं, लेकिन लखनऊ में कई हजार बिजली उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर हजारों रुपये का बकाया है, उनके बकाया होने पर उनके कनेक्शन कट रहे हैं।
अभियंताओं के मुताबिक अगर बकाएदार हर माह अपने बकाए का कुछ प्रतिशत जमा करने के साथ ही करंट बिल भी जमा करे तो वह बिजली बकाएदार की श्रेणी में तब तक नहीं आएंगे जब तक बकाया जमा करते रहेंगे। जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि प्री पेड के बकाएदार अपना बकाया जमा नहीं कर रहे हैं, इसलिए कनेक्शन कट रहे हैं।
अधिशासी अभियंता अनूप के मुताबिक बकाएदार आसानी से किस्तों में बकाया जमा कर सके, उसके लिए स्लैब बनाए गए हैं। अगर दस हजार पुराना बकाया है तो बिजली उपभोक्ता करंट बिल के साथ दस हजार का दस प्रतिशत हर माह जमा कर सकता है।
इसके अलावा दस से पंद्रह हजार बकाया है तो बीस प्रतिशत हर माह करंट बिल के साथ उपभोक्ता जमा कर सकते हैं। वहीं 25 हजार से ऊपर का बकाया होने पर बकाएदार 25 प्रतिशत बकाया हर माह करंट बिल के साथ जमा करते हैं तो उनका बिजली कनेक्शन नहीं कटेगा।
वर्तमान में बकाएदार प्री पेड होने पर सिर्फ करंट बिल को ही माइनस से पाजिटिव कर रहा है और शिकायत लेकर बिजली कार्यालयों में पहुंच रहा है। अभियंता जब कंप्यूटर पर खाता संख्या डालकर देख रहे हैं तो बकाया दिख रहा है और उपभोक्ता उस वक्त चुप्पी मारकर बैठ जा रहा है या फिर बकाए की दस प्रतिशत से भी कम राशि जमा करने की बात कर रहे हैं।
वहीं अभियंताओं का तर्क है कि साफ्टवेयर पर सब फीड है, इसमें अभियंता कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता, कम धनराशि बकाए की अगर जमा की जाएगी वह सिस्टम स्वीकार नहीं करेगा।


