एक टॉयलेट से प्रतिदिन 15,000 से कहीं अधिक की कमाई हो रही है। सुनने और फिर उसको हजम करने में थोड़ा समय लगे, लेकिन यह सच्चाई है।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पार्सल गेट नंबर चार के पास स्थित पे एंड यूज शौचालय का नया टेंडर समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा जारी किया गया है।
शौचालय के टेंडर की हो रही चर्चा
पहले का टेंडर 8 अप्रैल की रात समाप्त होने के बाद 36 दिनों के लिए यह नया अनुबंध किया गया है। यह टेंडर 5 लाख 51 हजार रुपये में दिया गया है। इसके बाद से चर्चा तेज हो गई है।
तात्पर्य यह हुआ कि रेलवे को इससे प्रतिदिन 15,305.55 रुपये की आय होगी। वहीं यह अनुमान भी सहज रूप से लगाया जा सकता है कि जिसने भी यह टेंडर लिया होगा उसको स्टाफ, सफाई व बिजली आदि का खर्च निकालते हुए कुछ बचत होती होगी। ऐसे में उस टॉयलेट की आय प्रतिदिन 15 हजार से बहुत अधिक होने का अनुमान है।
निर्माण कार्य के बीच लिया गया फैसला
रेलवे अधिकारियों ने शुरुआत में स्टेशन पर चल रहे विश्वस्तरीय निर्माण कार्य को देखते हुए टेंडर जारी करने पर संशय जताया था। उन्हें आशंका थी कि इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।
हालांकि संबंधित एजेंसियों से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य में अभी एक वर्ष से अधिक समय लगेगा। इसके बाद अस्थायी रूप से 36 दिनों के लिए टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया।
ठेकेदार के लिए भी चुनौतीपूर्ण सौदा
टेंडर की राशि को देखते हुए यह ठेका ठेकेदार के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इतनी बड़ी राशि की भरपाई के लिए उसे रोजाना अच्छी आय सुनिश्चित करनी होगी।
अधिक वसूली रोकने की जरूरत
यात्रियों से अधिक शुल्क वसूली की शिकायतों को देखते हुए रेलवे को नियमित निगरानी करनी होगी। अधिकारियों को समय-समय पर जांच करने और व्यवस्था पर नजर रखने की जरूरत बताई जा रही है।
दर सूची का बोर्ड लगाना जरूरी
शौचालय परिसर में स्पष्ट दर सूची प्रदर्शित करना भी जरूरी बताया गया है, ताकि यात्रियों से तय शुल्क ही लिया जा सके और किसी तरह की मनमानी पर रोक लगे।
पहले भी लग चुका है जुर्माना
बता दें कि पहले के ठेकेदार पर निर्धारित 10 रुपये के बजाय 30 से 40 रुपये वसूलने का वीडियो सामने आने पर रेलवे ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
इस बार रेलवे से उम्मीद की जा रही है कि वह व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएगा। वहीं टेंडर जारी होने के बाद से लोग यह कहते सुने जा रहे हैं कि कमाने वाला कहीं से भी कमा सकता है। भले ही टॉयलेट का काम क्यों नहीं हो।


