प्रशासन व शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी नहीं थम रही है। प्रशासन की जांच में महंगी किताबें लगाने और अभिभावकों को निर्धारित दुकानों पर ही भेजने का मामला उजागर हो चुका है।
इस मामले में हल्द्वानी में सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। अब इस मनमानी पर शिक्षा विभाग ने 46 निजी स्कूलों को नोटिस भेज दिया है। विभाग ने मान्यता रद होने के साथ ही जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
सीईओ जीआर जायसवाल ने बुधवार को स्कूलों को भेजे गए पत्र में महंगी किताबें न लगाने, अभिभावकों को दुकानें तय कर उनमें न भेजने जैसे निर्देशाें का उल्लंघन करने का जिक्र किया है। साथ ही सीबीएसई के निर्देशों के बावजूद कुछ स्कूलों की ओर से वेबसाइट नहीं बनाने, फीस संबंधित सूचना वेबसाइट पर न डालने सहित अन्य लापरवाहियां भी उजागर हुई हैं।
इस तरह की मनमानियों पर नोटिस भेजकर 11 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अगर इस तिथि तक जवाब नहीं मिला और नियमों का पालन नहीं किया गया तो स्कूलों की मान्यता रद कर दी जाएगी और जुर्माना लगाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी होगी। वही निजी स्कूलों की इस तरह की मनमानी को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद पूरा सिस्टम हरकत में आया।


