महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक अदालत ने बुधवार को स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को दुष्कर्म के दूसरे मामले में 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उस पर आरोप है कि उसने 2020 से धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में कई बार एक महिला का यौन शोषण किया था।
खरात के खिलाफ मामलों की जांच कर रही एसआइटी ने बुधवार को दूसरे मामले में उसकी पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एन इचपुरानी की अदालत में कांफ्रेस के माध्यम से पेश किया।
सुनवाई के दौरान जब अदालत ने खरात से उसका नाम पूछा, तो उसने हाथ जोड़कर अपना नाम बताया। एसआइटी ने रिमांड रिपोर्ट पेश की और मामले में उसकी न्यायिक हिरासत मांगी।
इसके बाद अदालत ने उसे 21 अप्रैल तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब खरात को नासिक रोड केंद्रीय जेल भेजा जाएगा। नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 35 वर्षीय महिला द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।


