गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा के ऋषिकेश पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वर्षा के कारण धार्मिक कार्यक्रम चेला चेतराम धर्मशाला की जगह रामलीला मैदान में हुआ। डिमरी धार्मिक पंचायत के पदाधिकारी मंगलवार को टिहरी राज दरबार नरेंद्र नगर पहुंचे थे। जहां महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाओं ने तिलों को पिरोकर तेल का कलश श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत को सौंपा।
इन्हीं तिलों के तेल से कपाट खुलने के दौरान भगवान बदरीविशाल का अभिषेक किया जाता है। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि दर्शन, पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद तेल कलश यात्रा रात्रि विश्राम के लिए अगले पड़ाव श्री शत्रुघ्न मंदिर मुनिकीरेती को प्रस्थान करेगी। तेलकलश यात्रा शत्रुघ्न मंदिर से 9 अप्रैल को श्रीनगर गढ़वाल के लिए रवाना होगी।
भगवान बदरीविशाल के अभिषेक में प्रयुक्त तेल कलश कुछ दिनों तक डिमरी तीर्थ पुरोहितों के मूल गांव डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में रखा जाएगा, जहां इसकी प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
यात्रा की निर्धारित तिथियों में तेल कलश पाखी गरूड़ गंगा होते गांव 20 अप्रैल को श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ तथा रविग्राम, 21 अप्रैल को पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम रहेगा। तेलकलश 22 अप्रैल की शाम तक श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जाएगा।


