गोरखपुर GDA का बजट 408 करोड़ बढ़ा, तीन नई टाउनशिप परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) की 130वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 1099 करोड़ रुपये से अधिक के बजट पर मुहर लगा दी गई। साथ ही शहर के विकास को नई दिशा देने के लिए तीन निजी टाउनशिप परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

इस दौरान शहर के बुनियादी ढांचे, आवासीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था और शहरी सौंदर्यीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। इस बार जीडीए का बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 408 करोड़ रुपये अधिक रखा गया है।

मंगलवार को आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कमिश्नर एवं जीडीए बोर्ड अध्यक्ष अनिल ढींगरा ने की। बोर्ड बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में जीडीए की कुल प्राप्ति 690 करोड़ 2 लाख रुपये रही थी, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 691 करोड़ 32 लाख रुपये हो गई।

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1099 करोड़ 90 लाख रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है। इस प्रकार बजट में लगभग 408 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़े हुए बजट से शहर में नई परियोजनाओं को गति मिलने के साथ-साथ अधूरी योजनाओं को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।

जीडीए की इस बैठक में लिए गए फैसले गोरखपुर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बढ़ा हुआ बजट, नई टाउनशिप, मजबूत सुरक्षा ढांचा और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार आने वाले समय में शहर की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगा।

शहर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न ग्रामों में भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही एकीकृत मंडलीय कार्यालय के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष आनन्द वर्धन, नामित सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन कुमार त्रिपाठी और दुर्गेश बजाज सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

तीन प्राइवेट टाउनशिप को मिली मंजूरी
बैठक में शहर के विस्तार और सुनियोजित आवासीय विकास को ध्यान में रखते हुए तीन नई प्राइवेट टाउनशिप परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सोनौली मार्ग स्थित ताल जहदा में ओमेक्स द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ताल कंदला में ऐश्प्रा की टाउनशिप और देवरिया रोड के रामनगर कड़जहा में जीत एसोसिएट की परियोजना के डीपीआर को स्वीकृति दे दी गई है।

इन टाउनशिप में आधुनिक सुविधाओं के साथ आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे। खास बात यह है कि इनमें अल्प आय वर्ग के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही इन परियोजनाओं की बुकिंग शुरू होने की संभावना है।

शहर के प्रवेश द्वारों को मिलेगा भव्य रूप
गोरक्षनगरी की पहचान को और आकर्षक बनाने के लिए शहर की सीमाओं पर सात भव्य प्रवेश द्वार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। चर्चा के बाद पांच स्थानों को उपयुक्त पाया गया। सोनौली रोड पर एक प्रवेश द्वार का निर्माण जीडीए अपने संसाधनों से करेगा, जिसमें आकर्षक लाइटिंग और सुंदरीकरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अन्य प्रवेश द्वारों के निर्माण के लिए शासन से बजट की मांग की जाएगी। ये प्रवेश द्वार न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि बाहरी आगंतुकों के लिए गोरखपुर की बेहतर छवि प्रस्तुत करेंगे।

पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय की बढ़ेगी क्षमता और महिला बटालियन के लिए भूमि

सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम निर्णय लिया गया है। ग्राम कोनी में प्रस्तावित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय की क्षमता अब दोगुनी की जाएगी, जिससे अधिक संख्या में पुलिस कर्मियों को आधुनिक और प्रभावी प्रशिक्षण मिल सकेगा। इसके साथ ही पीएसी महिला बटालियन की स्थापना के लिए डीएम द्वारा आवंटित भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

इस फैसले से महिला सुरक्षा बलों के विस्तार और सशक्तिकरण को गति मिलेगी। साथ ही जनपद में पुलिस बल के प्रशिक्षण और तैनाती से जुड़े बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास संभव होगा, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

नई कास्टिंग गाइडलाइन होगी लागू
प्राधिकरण की संपत्तियों के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता लाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन की ‘आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन-2025’ को अपनाया गया है। अब प्लाट और फ्लैट की कीमतें इसी गाइडलाइन के अनुसार तय की जाएंगी। इस गाइडलाइन के अपनाने के बाद जीडीए अलोकप्रिय संपत्तियों की कीमतों को किफायती और पारदर्शी बना सकेगा। इसमें ब्याज, कंटीजेंसी और ओवरहेड खर्चों को सीमित कर, अनावश्यक चार्ज हटाकर ईडब्ल्यूएस व एलआइजी मकानों समेत अन्य भवनों की दरें कम हो सकेंगी। इससे शहर में पुराने भवनों के पुनर्निर्माण और सुरक्षित शहरी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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