अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सीएम पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की जांच के लिए CBI को आदेश दिया है।
दरअसल, यह मामला 1270 करोड़ रुपये के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें खांडू परिवार की 4 कंपनियां शामिल हैं।
कोई भी रिकॉर्ड नष्ट न हो
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को सीबीआई के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया है और राज्य के सर्वोच्च अधिकारी, मुख्य सचिव को केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी रिकॉर्ड नष्ट न हो।
CBI करेगी प्रारंभिक जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आदेश के अनुसार, CBI एक प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी। इसमें नवंबर 2015 से 2025 तक के अवार्ड और उनके क्रियान्वयन को शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन करेगी।
मुख्य सचिव CBI के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि CBI के साथ रिकॉर्ड साझा करने का कार्य समय पर पूरा हो। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 16 सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। जिसमें यह बताना होगा कि क्या एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
1270 करोड़ से के ठेकों से जुड़ा है विवाद?
अरुणाचल प्रदेश का यह मामला 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि साल 2015 से 2025 के बीच लगभग 1,245 करोड़ रुपये के कार्यों का आवंटन बिना उचित प्रक्रिया के मुख्यमंत्री की पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी फर्मों को किया गया।
इसके अलावा यह भी दावा किया गया कि सीएम पेमा के भतीजे, त्सेरिंग ताशी, जो तवांग जिले से विधायक हैं और मेसर्स एलायंस ट्रेडिंग कंपनी के मालिक हैं, जिन्होंने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य अनुबंध दिए गए थे।


