प्रसिद्ध बाराही मेले में लोक कला और रागनियों का अद्भुत संगम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

ग्रेटर नोएडा में सुरजपुर स्थित बाराही मंदिर परिसर में चल रहे 13 दिवसीय बाराही मेले के पांचवें दिन रविवार को सांस्कृतिक रंग, लोक कला, रागनी, नृत्य और सामाजिक संदेशों का संगम देखने को मिला।

मेले का आयोजन संस्था शिव मंदिर सेवा समिति की ओर से कराया जा रहा है। हरियाणा डांस ग्रुप (आरसीएफ इवेंट) के कलाकारों ने लोक कला मंच एवं संस्कृति मंच पर रंगारंग गीत-संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा, सधी हुई कोरियोग्राफी और ऊर्जा से भरपूर प्रदर्शन ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया

हरेंद्र नागर एंड पार्टी ने अपने विशिष्ट अंदाज में रागनियों और उपदेशात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। राहुल अवाना (हरौला) द्वारा प्रस्तुत रागनी “गंगा जमुना यहां बहे, म्हारा प्यारा हिंदुस्तान…” ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

वहीं, बिशन सिंह इंदौर (राजस्थानी) की प्रस्तुति “ज्ञान बिना संसद में गाल बजाना ठीक नहीं…” ने सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देते हुए दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त की।

आशु चौधरी (रोहतक) ने अपने ऊर्जावान नृत्य से मंच पर विशेष आकर्षण पैदा किया। वहीं हरेंद्र नागर और बिशन सिंह इंदौर ने महाभारत के कर्ण-अर्जुन संवाद “जो करण निकल गया हाथों से, सो पछताना हो जाएगा…” के माध्यम से जीवन मूल्यों और धर्म की गहराई को प्रस्तुत किया।

इसके साथ ही भाईचारे पर आधारित रागनी “भाई जैसी चीज जगत में मिलती न…” ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी।

रितु चौधरी कृष्ण खटाना ने पूरणमल प्रसंग पर आधारित सवाल-जवाब की रागनी प्रस्तुत कर अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मेले में आकर्षण का केंद्र जितेंद्र बंचारी नगाड़ा पार्टी रही।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारतीय महिला वालीबाल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल तंवर एवं “पांडमैन आफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर ने कहा कि आज के समय में बेटियों ने हर क्षेत्र-खेल, शिक्षा, प्रशासन और सेना तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

निरंतर मेहनत के बल पर देश का प्रतिनिधित्व किया

उन्होंने कहा कि स्वयं एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अनुशासन, संघर्ष और निरंतर मेहनत के बल पर देश का प्रतिनिधित्व किया है। यही मूल मंत्र हर युवा के लिए सफलता की कुंजी है। रामवीर तंवर ने यदि ऐतिहासिक बाराही मंदिर प्रांगण में तालाब (जलाशय) के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाता है, तो वह स्वयं यहां एक आदर्श एवं आधुनिक जलाशय का निर्माण कराएंगे।

 

इसके लिए 50 लाख रुपये तक का अनुदान देने को भी तैयार हैं। मेले में आयोजन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल भाटी (प्रधान), महासचिव ओमवीर बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल सहित गौरव नागर, राजपाल भड़ाना, भगत सिंह आर्य, अरविंद भाटी, मदन शर्मा, सचिन भाटी, रविंद्र मास्टर, हरीश नागर, अवनेंद्र यादव, राकेश भाटी, राहुल कपासिया आदि मौजूद रहे।

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