बहराइच में आंधी का कहर: 100 से अधिक पोल टूटे, 80 हजार आबादी बिजली से प्रभावित, गेहूं की फसल बर्बाद

जिले में शनिवार की रात 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी व बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी चलने से जिले के 100 से अधिक बिजली के पोल टूट गए और 10 ट्रांसफार्मर पोल से जमीन पर आ गए। जिले की 80 हजार आबादी बिजली से प्रभावित रही।

मकान पर पेड़ गिरने से परिवार बाल-बाल बच गया। आंधी-बारिश में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में मड़ाई के लिए कटी गेहूं भींग गई है, जिससे किसान काफी परेशान है। नुकसान का आंकलन करने के लिए सोमवार से राजस्वकर्मी शुरू करेंगे।

रिसिया पावर हाउस के मटेरा फीडर से जुड़े बेगमपुर, भगवानपुर माफी, अचाकपुर, रायपुर, तुलसीपुर समेत 30 गांव की 30 हजार की आबादी प्रभावित रही।

तेजवापुर: रमपुरवा गांव निवासी शिवपूजन पाठक के मकान पर आंधी के दौरान 100 साल पुराना विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद महिला और बच्चे मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। चिकित्सकों के मुताबिक, दोनों को मामूली चोटें आई हैं। वहीं, बिजली गुल रहने से 40 हजार की आबादी प्रभावित रही।

आंधी आने के बाद शनिवार शाम सात बजे से रविवार सुबह 11 बजे तक बिजली बाधित रही। करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित रही। बिजली न होने से सुबह लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुरैनाबाजार : पुरैनाबाजार में शनिवार शाम सात बजे से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति रविवार दोपहर तक बहाल नहीं हो सकी। करीब 15 घंटे से बिजली गुल रहने से पांच हजार की आबादी प्रभावित रही।

आंधी-बारिश के दौरान रिसिया, मटेरा, नानपारा, पयागपुर, विशेश्वरगंज, कैसरगंज समेत अन्य इलाकों में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में गेहं की फसल लेट गई है। कृषि अधिकारी डा. सूबेदार यादव ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा गांव-गांव जाकर सर्वे किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट व बीमा कंपनी को सूचना देने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

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