ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों का एक समूह आर्मेनिया के रास्ते स्वदेश लौट रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की वापसी में सहायता के लिए आर्मेनिया के अपने समकक्ष अरारत मिर्जोयान का आभार जताया।
समूह में भारतीय नागरिकों की सही संख्या और ईरान में किन परिस्थितियों के कारण वह फंसे, इसकी जानकारी नहीं है। जयशंकर ने इंटरनेट मीडिया पर कहा कि भारतीय मछुआरों को ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत लाने की सुविधा प्रदान करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनिया सरकार को धन्यवाद।
पश्चिम एशिया में एक महीने पहले शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक 1,150 से अधिक भारतीय नागरिकों ने आर्मेनिया और अजरबैजान के जमीनी रास्ते से ईरान छोड़ा है। बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात पर लगातार नजर रख रहा है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। बयान में अबू धाबी में शुक्रवार को पांच भारतीयों के घायल होने का भी जिक्र किया गया। अबू धाबी के अधिकारियों के अनुसार, एक मिसाइल के मलबे से घायल हुए 12 लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।


